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No reels. No crowds. Just Kedar Himalaya - This trek doesn’t want to be famous..
Alpine meadows, dense forests, and snow-capped peaks in one journey. Suitable for both beginner and experienced trekkers.
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अल्मोड़ा: उत्तराखंड के होनहार लाल हर क्षेत्र में अपनी प्रतिभा साबित कर रहे हैं। अल्मोड़ा जिले में रहने वाले अनूप भाकुनी ऐसी ही शख्सियत हैं।
अनूप ने उत्तराखंड पीसीएस-जे परीक्षा में टॉपर बनकर अपने जिले और क्षेत्र का नाम रौशन किया है। अनूप की इस सफलता से परिवार में जश्न का माहौल है। घर पर बधाई देने वालों का तांता लगा है। होनहार अनूप का दो माह पूर्व बिहार न्यायिक सेवा में भी चयन हुआ था। इस तरह दो महीने के भीतर लगातार दूसरी बड़ी सफलता साबित कर अनूप ने अपनी काबिलियत का लोहा मनवाया है। अनूप मूल रूप से अल्मोड़ा जिले के बसोली गांव के रहने वाले हैं। वर्तमान में उनका परिवार देहरादून के प्रेमनगर क्षेत्र में रहता है। आगे पढ़िए
अनूप ने उत्तराखंड न्यायिक सेवा सिविल जज (जूनियर डिवीजन) परीक्षा-2021 में हिस्सा लिया था। जिसमें वो पूरे राज्यभर में टॉप करने में सफल रहे। अनूप के पिता भीम सिंह इंदिरा गांधी राष्ट्रीय वन अकादमी से लैब असिस्टेंट पद से सेवानिवृत हैं, जबकि माता तारा एक गृहणी हैं। शुरुआती शिक्षा केंद्रीय विद्यालय एफआरआई से हासिल करने के बाद अनूप ने इंटरमीडिएट किया। बाद में उन्होंने दिल्ली विश्वविद्यालय से फिजिक्स ऑनर्स और फिर लॉ की पढ़ाई की। देहरादून के लॉ कॉलेज से उन्होंने एलएलएम किया है। अब वो न्यायिक सेवा में चुने गए हैं। अनूप ने कहा कि लोगों को निष्पक्षता के साथ न्याय देना ही उनकी प्राथमिकता होगी। उन्होंने अपनी सफलता का श्रेय परिजनों और गुरुजनों को दिया है। राज्य समीक्षा टीम की ओर से अनूप भाकुनी को उज्जवल भविष्य के लिए ढेरों शुभकामनाएं।