Advertisement
जहां आज भी सिर्फ चरवाहे जाते हैं – केदार हिमालय के अनदेखे ट्रेक्स
प्रकृति, शांति और हिमालय – केदार के गुप्त ट्रेक्स.. यहां कदम रखते ही बदल जाती है सांस और सोच – Hidden Kedar Trails
Example Ads Media
पौड़ी गढ़वाल: परिवार का साथ मिले तो इंसान कामयाबी की नई इबारत लिख सकता है। पौड़ी गढ़वाल के खिर्सू ब्लॉक में रहने वालीं अंजलि बेंजवाल बहुगुणा ने इस बात को सच साबित कर दिया।
बलौड़ी गांव की अंजलि बेंजवाल बहुगुणा का चयन उच्च न्यायिक सेवा में हुआ है। वह अपर जिला जज बनेंगी। इस परीक्षा को बेहद कठिन माना जाता है, लेकिन अपनी कड़ी मेहनत के दम पर अंजलि ने इसमें सफलता हासिल कर ली। अब वो अपर जिला जज के तौर पर सेवाएं देंगी। अंजलि की इस सफलता में उनके परिवार और खासतौर पर सास-ससुर का विशेष योगदान रहा। सास और ससुर ने बहू को पढ़ने और हमेशा आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया। अंजलि पढ़ाई में जुटी रहतीं, ऐसे में उनके बच्चों की देखभाल का जिम्मा सास-ससुर ने अपने कंधों पर उठा लिया। अंजलि ने भी उनके त्याग को समझा और अपने और उनके सपने पूरे करने में जुट गईं
अंजलि के पति अतुल बहुगुणा उत्तराखंड हाई कोर्ट में केंद्र एवं राज्य सरकार के वकील हैं। जबकि अंजलि नैनीताल हाई कोर्ट में प्रैक्टिस करती हैं। अंजलि का मायका रुद्रप्रयाग के बैंजी गांव में है। अंजलि के पिता कात्यायनी प्रसाद बेंजवाल दिल्ली विश्वविद्यालय में ज्वाइंट रजिस्ट्रार के पद से सेवानिवृत्त हुए हैं। परिजनों ने बताया कि अंजलि की पढ़ाई जारी रह सके, इसलिए उनके 6 साल के बेटे हनु को देहरादून में दादा-दादी के साथ रखा गया। इंटरव्यू के लिए अंजलि अपनी एक माह की बेटी को गोद में लिए इंटरव्यू में हिस्सा लेने गई थीं। अंजलि की मेहनत और पूरे परिवार के त्याग से अंजलि अपने सपने को साकार करने में कामयाब रहीं। अंजलि की सफलता ने साबित कर दिया कि अगर मन में ठान लिया जाए तो शादी के बाद भी अपनी मंजिल को पाया जा सकता है। राज्य समीक्षा टीम की ओर से अंजलि और उनके परिवार को ढेरों शुभकामनाएं।