Advertisement
केदार हिमालय के ऐसे ट्रेक जहां रास्ता खुद आपको चुनता है
बुग्याल, हिमालयी वन और बर्फीली चोटियों का अद्भुत नज़ारा। आध्यात्म, रोमांच और एकांत का अनोखा संगम।
Example Ads Media
देहरादून: पहाड़ की होनहार बेटियां खेलों की दुनिया में खूब नाम कमा रही हैं। टिहरी गढ़वाल में रहने वाली अनिशा असवाल ऐसी ही होनहार बिटिया हैं, जिन्होंने ताइक्वांडो चैंपियनशिप में भारत के लिए कई मेडल जीते हैं।
हाल में गढ़वाल हितैषिणी सभा ने अनिशा असवाल को सम्मानित किया। उनकी उपलब्धियों को सराहा। अनिशा की कामयाबी पहाड़ की कई बेटियों को लगातार आगे बढ़ने का हौसला दे रही है। वो ताइक्वांडो में दुनियाभर में 75वीं रैंक होल्डर हैं। जबकि इंडिया में फर्स्ट रैंक होल्डर हैं। उन्होंने कई ताइक्वांडो चैंपियनशिप में भारत को गोल्ड, सिल्वर और ब्रॉंज मेडल दिलाए। अनिशा पिछले 4 साल से स्टेट गोल्ड मेडलिस्ट का खिताब जीत रही हैं। आगे पढ़िए
साल 2017 में उन्होंने जूनियर नेशनल गेम्स में पार्टिशिपेट किया। दो बार नेशनल स्कूल गेम्स में ब्रॉंज मेडल भी जीत चुकी हैं। साल 2019 में उन्होंने इंटरनेशनल ताइक्वांडो चैंपियनशिप में गोल्ड मेडल जीता। माउंट एवरेस्ट इंटरनेशनल ताइक्वांडो चैंपियनशिप में वो सिल्वर मेडल जीतने में कामयाब रहीं। एशियन क्लब इंटरनेशनल ताइक्वांडो चैंपियनशिप और दूसरी कई प्रतियोगिताओं में भी वो खिताब और मेडल जीत चुकी हैं। आज हम अनिशा की सफलता देख रहे हैं, लेकिन यहां तक पहुंचने के लिए उन्हें कड़ा संघर्ष करना पड़ा। खूब मेहनत करनी पड़ी, तब कहीं जाकर वो चैंपियन बनकर उभरीं। राज्य समीक्षा टीम की ओर से अनिशा को ढेरों शुभकामनाएं, उनकी सफलता का सफर यूं ही जारी रहे। हम यही कामना करते हैं।