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ये ट्रेक्स गूगल मैप पर भी नहीं मिलेंगे! केदार हिमालय के छुपे हुए रास्ते
प्रकृति से जुड़ने और आत्मिक शांति पाने का अवसर। केदार हिमालय की वो यात्राएं जो ज़िंदगी भर याद रहती हैं।
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पिथौरागढ़: रूल्स सबके लिए बराबर हैं, फिर चाहे वो कोई आम आदमी हो या फिर सरकारी अधिकारी।
जो रूल्स तोड़ेगा वह जुर्माना भी भरेगा। इस बात की जीती जागती मिसाल पेश की है पिथौरागढ़ हाईकोर्ट ने। पिथौरागढ़ पुलिस के पास जब्त टैक्सी वाहन का चालान कोर्ट में पेश नहीं करने पर तत्कालीन एसडीएम पर हाईकोर्ट ने पांच लाख रुपये का जुर्माना लगाया है। जुर्माने की रकम एसडीएम से वसूलकर वाहन स्वामी को मुआवजे के तौर पर दी जाएगी। कोर्ट ने पिथौरागढ़ के डीएम को एक महीने के भीतर तत्कालीन एसडीएम का पता कर वाहन स्वामी को यह रकम दिलाने का आदेश दिया है। मिली गई जानकारी के अनुसार, पिथौरागढ़ निवासी धर्म सिंह ने हाईकोर्ट में याचिका दायर की है। आगे पढ़िए
इसमें कहा गया कि 14 सितंबर 2015 में डीडीहाट के तत्कालीन एसडीएम ओवरलोडिंग में उनके चौपहिया टैक्सी वाहन यूके 05 टीए-1140 का चालान किया था। याचिकाकर्ता के अधिवक्ता अमित कापड़ी ने अदालत को बताया कि एसडीएम ने वाहन को जब्त कर लिया और आपराधिक कार्रवाई शुरू करने के लिए न्यायिक मजिस्ट्रेट की कोर्ट में चालान पेश नहीं किया गया। यह वाहन तब से थाना थल पुलिस के कब्जे में ही है। सुनवाई के दौरान पिथौरागढ़ के डीएम, थाना थल के एसएचओ और एआरटीओ ने कोई भी जवाब नहीं दिया। वहीं कोर्ट ने इस मामले में सख्त आदेश देकर वाहन को तत्काल रिलीज करने, याचिकाकर्ता को 30 दिन में राज्य सरकार से पांच लाख रुपये का मुआवजा देने के आदेश दिए हैं।