देहरादून में रद्द हो सकती है 4 स्कूलों की मान्यता, वजह भी जान लीजिए

उत्तराखंड बाल अधिकार संरक्षण आयोग ने आरटीई की अनदेखी करने वाले 4 निजी स्कूलों की मान्यता रद्द करने के लिए शिक्षा विभाग को पत्र लिखा है।
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Image: Recognition of 4 schools will be canceled in Dehradun

देहरादून: देहरादून में आरटीई की अनदेखी करने वाले स्कूलों की मान्यता जल्द रद्द की जा सकती है। उत्तराखंड बाल अधिकार संरक्षण आयोग ने शिक्षा विभाग को लेटर लिखकर संबंधित स्कूलों की मान्यता रद्द करने की सिफारिश की है।

Recognition of 4 schools will be canceled in Dehradun

लिस्ट में चार स्कूलों के नाम हैं। ये जानकारी उत्तराखंड बाल अधिकार संरक्षण आयोग की अध्यक्ष डॉ.गीता खन्ना ने एक प्रेस कांफ्रेस में दी। एक साल का कार्यकाल पूरा होने पर उन्होंने आयोग के अब तक के कार्य और अनुभवों के बारे में बताया। डॉ. गीता खन्ना ने प्राइवेट स्कूलों और कोचिंग सेंटरों की मनमानी रोकने के लिए कड़े कदम उठाने की बात कही। उन्होंने बताया कि आरटीई की अनदेखी करने वाले 4 निजी स्कूलों की मान्यता रद्द करने को लेकर शिक्षा विभाग को पत्र लिखा गया है। इन स्कूलों के बाहर बोर्ड लगाया जाए कि इन स्कूलों की मान्यता का मामला चल रहा है, ताकि नए शिक्षा सत्र में बच्चे परेशान न हों। उन्होंने शिक्षा विभाग को लेकर भी बड़ी बात कही। आगे पढ़िए

उन्होंने कहा कि शिक्षा विभाग पर काम का दबाव है, इसलिए विभाग निजी स्कूलों की ठीक से निगरानी नहीं कर पा रहा है। विभाग से कहा गया है कि प्राइवेट स्कूलों की निगरानी के लिए एक नोडल अधिकारी बनाया जाए। जो आयोग के साथ मिलकर काम कर सके। कोचिंग संस्थानों की मनमानी पर रोक के लिए कोचिंग संस्थानों के लिए भी नियमावली बनाई जाएगी। साथ ही बाल नीति, किड्स स्कूल के लिए नियमावली एवं नशा मुक्ति केंद्रों के लिए भी नीति बनेगी। आयोग की उपलब्धियों के बारे में जानकारी देते हुए आयोग की अध्यक्ष ने बताया कि आयोग में अब तक 280 शिकायत दर्ज हुई, इसमें से 79 का आयोग ने स्वत: संज्ञान लिया और इनका निपटारा किया। बाल श्रम के खिलाफ राज्य में अभियान चलाकर 111 बच्चों को बाल श्रम से मुक्त करा कर उन्हें शिक्षा से जोड़ने का काम किया गया है। बाल श्रम कराने वाले 56 लोगों के खिलाफ एफआईआर भी दर्ज कराई गई है।