उत्तराखंड के लिए गौरवशाली पल, दो वीर सपूतों को मिला सेना पदक..पढ़िए वीरता की कहानी

उत्तराखंड के दो वीरों को मिला शौर्य का सम्मान, हरिद्वार के हवलदार सोनित कुमार सैनी को मरणोपरांत सेना पदक
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uttarakhand sena medal : Army medal to Sonit Kumar Bhupendra Chand of Uttarakhand
Image: Army medal to Sonit Kumar Bhupendra Chand of Uttarakhand

उधमसिंह नगर: उत्तराखंड के लिए गौरवान्वित करने वाली खबर सामने आ रही है। उत्तराखंड के दो सपूतों को वीरता पदक से अलंकृत किया जाएगा। इनमें से हरिद्वार के एक हवलदार सोनित कुमार सैनी को मरणोपरांत सेना पदक से अलंकृत किया जाएगा।वहीं ऊधमसिंहनगर के हवलदार भूपेंद्र चंद भी सेना पदक से सम्मानित होंगे। यह कार्यक्रम आठ फरवरी को मध्य प्रदेश स्थित जबलपुर छावनी में आयोजित होगा। इसमें हरिद्वार के हवलदार सोनित कुमार सैनी को मरणोपरांत सेना पदक से अलंकृत किया जाएगा। वहीं, ऊधमसिंहनगर के हवलदार भूपेंद्र चंद भी सेना पदक से सम्मानित होंगे।

Uttarakhand Sonit Kumar Sena Medal

बता दें कि हरिद्वार के धनौरी निवासी 102 इंजीनियर रेजिमेंट के हवलदार सोनित कुमार ड्यूटी के समय सात जवानों की जान बचाते हुए शहीद हो गए थे। वह गुवाहाटी में टाट्रा वाहन के चालक की ड्यूटी निभा रहे थे। आगे पढ़िए यह वाहन आपरेशन चौकस के लिए अत्याधिक ऊंचाई वाले क्षेत्र में प्लांट इक्विपमेंट लगाने के काम में लगा था।24 सितंबर 2021 को वाहन खड़ी ढलान पर दो वाहनों के बीच फंस गया। तभी सात सेवारत कर्मियों को लेकर सामने से भी एकाएक वाहन आ गया। जिस पर हवलदार सोनित व सह-चालक नायक गुरजंत सिंह ने अपनी सुरक्षा की परवाह किए बगैर वाहन गहरी खाई की ओर मोड़ दिया। जिस कारण वाहन खाई में जा गिरा। बाकी जवानों की जान तो बच गई मगर खुद हवलदार सोनित की जान चली गई और वे शहीद हो गए।

Uttarakhand Bhupendra Chand Sena Medal

वहीं, ऊधमसिंहनगर निवासी 13 राष्ट्रीय राइफल्स (कुमाऊं रेजिमेंट) के हवलदार भूपेंद्र चंद ने जम्मू-कश्मीर के गांदरबल में अदम्य साहस व शानदार रणनीति का परिचय दिया। वे कंपनी कमांडर की काम्बैट एक्शन टीम का हिस्सा थे और 11 अक्टूबर 2021 की रात कंपनी कमांडर की चुनौती पर आतंकी ने खुले में तैनात सैनिकों पर अंधाधुंध गोलियां चलाईं। हवलदार भूपेंद्र ने बिना किसी आदेश की प्रतीक्षा किए सुरक्षित स्थान पर पहुंचकर आतंकवादी पर फायर शुरू किया और ऑपरेशन सफल हुआ। दोनों जवानों को आठ फरवरी को मध्य प्रदेश स्थित जबलपुर छावनी में सम्मानित किया जाएगा।