jyoti Bisht selected for phd in germany ज्योति जैसी प्रतिभाशाली बेटियां इस मिथक को तोड़कर लगातार आगे बढ़ रही हैं।
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कोमल नेगी
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Image: chamoli dewal block jyoti Bisht to do phd in germany
चमोली: उत्तराखंड की प्रतिभाशाली बेटियां हर क्षेत्र में अपनी प्रतिभा को साबित कर प्रदेश का गौरव बढ़ा रही हैं। रक्षा से लेकर शिक्षा तक ऐसा कोई क्षेत्र नहीं, जहां पहाड़ की बेटियों ने अपनी धाक न जमाई हो।
chamoli girl jyoti Bisht selected for phd in germany
इसी कड़ी में एक अच्छी खबर चमोली जिसे से आई है। यहां रहने वाली ज्योति बिष्ट को जर्मनी की प्रतिष्ठित फ्रेडरिक शिलर यूनिवर्सटी जेना(येना) में पीएचडी करने का अवसर मिला है। ज्योति का फ्रेडरिक शिलर यूनिवर्सटी जेना (येना) में चयन होना पूरे प्रदेश के लिए गर्व का विषय है। ज्योति बिष्ट मूलरूप से चमोली के देवाल की रहने वाली हैं। उनकी इस उपलब्धि से जिले और उनके क्षेत्र में जश्न का माहौल है। घर पर बधाई देने वालों का तांता लगा है। ज्योति बिष्ट का परिवार देवसारी गांव में रहता है। आगे पढ़िए
उन्होंने अपनी शुरुआती शिक्षा राजकीय इंटर कॉलेज देवाल से हासिल की। बाद में उन्होंने गढ़वाल यूनिवर्सिटी में एडमिशन लेकर वहां से केमेस्ट्री में स्नातकोत्तर की डिग्री हासिल की। इसके बाद उन्होंने गोपेश्वर डिग्री कॉलेज से बीएड किया। वर्तमान में वह नेशनल फिजिकल लेबोरेट्री दिल्ली में शोध कार्य कर रही हैं। आमतौर पर माना जाता है कि सरकारी स्कूल से पढ़ाई करने वाले बच्चों के लिए जीवन में आगे बढ़ने के अवसर कम हो जाते हैं, लेकिन ज्योति जैसी प्रतिभाशाली बेटियां इस मिथक को तोड़कर लगातार आगे बढ़ रही हैं। ज्योति की शिक्षा भी सरकारी स्कूल में हुई है। अब वो तमाम चुनौतियों को पार कर पीएचडी के लिए जर्मनी जाने वाली हैं। राज्य समीक्षा टीम की ओर से ज्योति बिष्ट को ढेरों शुभकामनाएं, हम उनके उज्जवल भविष्य की कामना करते हैं।