अब उत्तराखंड में मिलने वाले बेड़ू से बनेगी वाइन, इस जिले में लगने जा रहा पहला प्लांट

Pauri Garhwal Anjeer Wine Plant योजना सफल रही तो किसानों और काश्तकारों की आर्थिक स्थिति मजबूत बनेगी, पलायन पर भी अंकुश लगेगा।
Advertisement Secret Himalayan Treks Near Kedarnath You’ve Never Heard Of

Trails once used by sages, locals, and shepherds. Ideal for travelers seeking silence over social media fame.

Example Ads Media
badu anjeer wine uttarakhand : Anjeer wine will be made in Uttarakhand Pauri Garhwal
Image: Anjeer wine will be made in Uttarakhand Pauri Garhwal

पौड़ी गढ़वाल: उत्तराखंड में बेड़ू की खेती से किसानों की आर्थिकी सुधरेगी, उन्हें आत्मनिर्भर बनाया जाएगा।

Pauri Garhwal Anjeer Wine Plant

पौड़ी प्रशासन ने बेड़ू की खेती और इसके विक्रय के लिए एक कंपनी संग एमओयू साइन किया है। ये कंपनी बेड़ू से उच्च स्तरीय वाइन तैयार करेगी। बेड़ू को पहाड़ी अंजीर भी कहा जाता है। औषधीय गुणों से भरपूर बेड़ू की बाजार में काफी डिमांड है। जिला प्रशासन की योजना के अनुसार किसानों को मुफ्त में बेड़ू के पौधे वितरित किए जाएंगे। योजना सफल रही तो किसानों और काश्तकारों की आर्थिक स्थिति मजबूत बनेगी, पलायन पर भी अंकुश लगेगा। जिले में बेड़ू के विक्रय को बढ़ावा देने के लिए एमओयू किया गया है। एमओयू से 300 कुंतल से अधिक बेड़ू के विक्रय का रास्ता खुलेगा। जिससे बड़े पैमाने पर किसान, काश्तकार और महिला समूह लाभान्वित होंगे। रूरल इंटरप्राइजेज एक्सेलेरेशन प्रोजेक्ट और फूड प्रोसेसिंग के क्षेत्र में काम करने वाली एक निजी कंपनी ने पौड़ी जनपद में बेड़ू की खेती को बढ़ावा देने का मन बनाया है।

डीएम डॉ. आशीष चौहान ने कृषि उद्यान और ग्रामीण विकास अफसरों के साथ बातचीत करने के बाद इसके एमओयू पर हस्ताक्षर किए। संबंधित कंपनी कोटद्वार में प्रोसेसिंग प्लांट स्थापित करेगी। जिसमें एक हजार किसानों और महिला समूहों के माध्यम से बेड़ू को एकत्रित किया जाएगा। कंपनी स्थानीय किसानों से बेड़ू की खेती कराएगी, और उन्हीं से बेड़ू खरीदेगी भी। बेड़ू की खेती पर भी जोर दिया जाएगा। कंपनी पहाड़ में अक्सर पाए जाने वाले फल का उपयोग उच्चस्तरीय वाइन निर्माण में करने जा रही है। इसके लिए कंपनी ने फिलहाल 4 करोड़ के निवेश का मन बनाया है। बता दें कि बेड़ू को हिमालयन वाइल्ड फिग के नाम से जाना जाता है। इसका पेड़ 1550 मीटर की ऊंचाई पर मिलता है। बेड़ू एक तरह से अंजीर का ही प्रतिरूप है। पूरे विश्व में इसकी करीब 800 प्रजातियां पाई जाती हैं। बेड़ू से जैम, जेली और शरबत आदि बनाए जाते हैं। उत्तराखंड में बेड़ू की खेती शुरू होगी तो स्थानीय स्तर पर लोगों को रोजगार मिलेगा, राजस्व में भी बढ़ोतरी होगी।