उत्तराखंड नन्दा-गौरा योजना में भी फर्जीवाड़ा, 193 लोगों पर दर्ज होगी FIR..डीएम ने दिए सख्त आदेश

Fake certificate in Nanda Gaura scheme नन्दा गौरा योजना के प्रथम तथा दितीय चरण के अन्तर्गत फर्जी आय प्रमाण पत्र के 193 मामले आये सामने
Advertisement Hidden Gem Treks of Kedar Himalaya You Must Explore Once in Life

Peaceful and untouched trekking routes away from the crowds. Hidden trails where nature still remains raw and pure.

Example Ads Media
nanda gaura yojna fake certificate: Fake certificate in Haridwar Nanda Gaura scheme
Image: Fake certificate in Haridwar Nanda Gaura scheme

हरिद्वार: उत्तराखंड में यहां नजर डालिए, वहां फर्जीवाड़ा निकल कर सामने आ रहा है। अब हरिद्वार से इस खबर की तस्दीक कीजिए।

Fake certificate in Nanda Gaura scheme

मुख्य विकास अधिकारी प्रतीक जैन को नन्दा गौरा योजना के प्रथम और दितीय चरण के अन्तर्गत आवेदनकर्ताओं द्वारा फर्जी आय प्रमाण पत्र संलग्न कर योजना में फर्जी तरीके से लाभ प्राप्त करने की शिकायतें प्राप्त हो रही थीं। इनका संज्ञान लेते हुये मुख्य विकास अधिकारी ने जिला कार्यक्रम अधिकारी को आय प्रमाण पत्रों की गहनता से जांच कर रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिये थे। जांच में ये तथ्य सामने आया कि महिला सशक्तिकरण एवं बाल विकास विभाग में वित्तीय वर्ष 2022-23 में नन्दा गौरा योजना के अन्तर्गत जिले में कुल 1328 आवेदन पत्र प्राप्त हुये। प्रमाण पत्रों की गहराई से जांच की गयी, तो पाया गया कि उनमें से 70 आवेदन पत्र ऐसे थे, जो आय प्रमाण पत्र की दृष्टि से फर्जी पाये गये। इसी तरह नन्दा गौरा योजना के ही द्वितीय चरण-इण्टर पास के अन्तर्गत कुल 4174 आवेदन पत्र प्राप्त हुये थे। जांच करने पर 123 ऐसे आवेदन पत्र पकड़ में आये, जिनके आय प्रमाण पत्रों में छेड़छाड़ की गयी थी। आगे पढ़िए

Nanda Gaura Yojana Fake Certificate

इस प्रकार नन्दा गौरा योजना के प्रथम तथा द्वितीय दोनों चरणों के आवेदनों की गहनता से जांच करने पर कुल 193 आय प्रमाण पत्र फर्जी पाये गये, जिसके कारण ऐसे आवेदनों को निरस्त कर दिया गया। इसके बाद मुख्य विकास अधिकारी ने तुरन्त ये जानकारी जिलाधिकारी विनय शंकर पाण्डेय को दी। जिलाधिकारी ने तुरन्त ऐसे आवेदनकर्ताओं के खिलाफ सख्त कार्रवाई करते हुये एफआईआर दर्ज करने के निर्देश अधिकारियों को दिये। कई स्रोतों से ये भी जानकारी मिली है कि कई कॉमन सर्विस सेण्टर द्वारा सरकारी योजनाओं के लिये जारी किये गये विभिन्न प्रमाण पत्रों में हेराफेरी करके जरूरत के अनुसार उनमें बदलाव किया जा रहा है, जो गैर-कानूनी की श्रेणी में आता है, ऐसे सीएससी जो इस तरह के कृत्य में लिप्त पाये जायेंगे, उनके खिलाफ भी सख्त कार्रवाई की जायेगी।