उत्तराखंड में एक ग्राम प्रधान ऐसी भी है, अपने गांव को देश के सबसे आदर्श गांवों में शामिल कर दिया

ग्राम प्रधान निकिता चौहान को राष्ट्रपति ने जल प्रबंधन के लिए स्वच्छ सुजल शक्ति पुरस्कार-2023 से नवाजा है।
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Image: Dehradun Joshi-Gothan gram panchayat pradhan Nikita Chauhan

देहरादून: इरादे अगर नेक हों तो हर चुनौती को ताकत में बदला जा सकता है।

Joshi-Gothan gram panchayat pradhan Nikita Chauhan

जौनसार बावर मे स्थित जोशी-गोथान ग्राम पंचायत की युवा प्रधान निकिता चौहान यही कर रही हैं। निकिता के कुशल नेतृत्व में जोशी-गोथान गांव आदर्श गांव में तब्दील हो रहा है। इतना ही नहीं सरकारी योजनाओं के सहयोग से पंचायत का हर परिवार भी सशक्त हो रहा है। कालसी ब्लॉक में स्थित इस पंचायत में तीन गांव गोथान, मथेऊ और हमरोऊ आते हैं। पंचायत में करीब 800 मतदाता हैं। एक वक्त था जब यहां गंदा पानी गलियों में बहता नजर आता था, लेकिन साल 2019 में निकिता चौहान ने ग्राम पंचायत की कमान संभाली और हालात को बदलने में जुट गईं। आगे पढ़िए

उन्होंने घरों से निकलने वाले गंदे पानी के निस्तारण के लिए 11 सामुदायिक सोख्ता गड्ढे बनवाए। 26 परिवारों के पुराने शौचालयों की मरम्मत परफार्मेंस ग्रांट योजना से कराई। स्वच्छ भारत मिशन के तहत 11 परिवारों के घर में शौचालय का निर्माण कराया। आज पंचायत में सभी परिवारों के पास शौचालय हैं। ठोस अपशिष्ट का प्रबंधन के लिए पंचायत में तीन सामुदायिक कंपोस्ट पिट बनाए गए हैं। इस तरह जोशी-गोथान खुले में शौच मुक्त (ओडीएफ प्लस) होने के साथ पूरी तरह तरल अपशिष्ट प्रबंधन वाली पंचायत बन गई। बीते दिनों निकिता चौहान उस वक्त चर्चा में आई थीं, जब जल प्रबंधन के लिए उन्हें चार मार्च को दिल्ली स्थित विज्ञान भवन में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने स्वच्छ सुजल शक्ति पुरस्कार-2023 देकर सम्मानित किया।