उत्तराखंड के जांबाज मेजर ने 6 विद्रोहियों को मार गिराया, अदम्य शौर्य के लिए मिला सेना मेडल

साल 2021 में मेजर अजय धानिक ने असम में बड़ी वारदात को अंजाम देने की तैयारियों में जुटे छह विद्रोहियों को मार गिराया था।
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pithoragarh major ajay dhanik: Uttarakhand Major Ajay Dhanik Got Sena Medal
Image: Uttarakhand Major Ajay Dhanik Got Sena Medal

पिथौरागढ़: देवभूमि उत्तराखंड वीरों की जननी रही है। देश सेवा के मामले में यहां के जांबाजों का कोई मुकाबला नहीं। पिथौरागढ़ के रहने वाले जांबाज मेजर अजय धानिक ऐसी ही शख्सियत हैं।

Uttarakhand Major Ajay Dhanik Got Sena Medal

साल 2021 में मेजर अजय धानिक ने असम में बड़ी वारदात को अंजाम देने की तैयारियों में जुटे छह विद्रोहियों को मार गिराया था। शनिवार को उन्हें वीरता के लिए सेना मेडल से सम्मानित किया गया। सेना की वेस्टर्न कमांड में आयोजित कार्यक्रम में ले. जनरल एनके खंडूडी ने उन्हें सम्मान प्रदान किया। मेजर अजय धानिक का सम्मान समूचे उत्तराखंड का सम्मान है। पिथौरागढ़ जिले में भी जश्न का माहौल है, क्योंकि मेजर धानिक यहीं के रहने वाले हैं। चलिए अब आपको मेजर अजय धानिक द्वारा अंजाम दिए गए ऑपरेशन के बारे में भी बताते हैं। मई 2021 की बात है। उस वक्त मेजर अजय धानिक सेना की बंगाल इंजीनियरिंग का हिस्सा थे और असम में तैनात थे। एक ऑपरेशन के दौरान उन्हें सूचना मिली की विद्रोही बड़े हमले की तैयारी में है। उन्होंने तत्काल अपनी टीम तैयार की।

ऑपरेशन के दौरान मेजर धानिक विद्रोहियों के ठिकाने पर पहुंचे तो एक व्यक्ति ने फायरिंग शुरू कर दी। मेजर अजय धानिक ने तत्काल उसे मार गिराया। तभी दूसरे विद्रोही ने फायरिंग शुरू कर दी। मेजर अजय ने उसे भी मार गिराया। उन्होंने अपनी टीम को दिशा निर्देश देते हुए अन्य विद्रोहियों के भागने के सभी रास्तों को बंद कर दिया। घेरे गए चार अन्य विद्रोहियों को भी मार गिराया गया। बिना घबराए इस बड़े ऑपरेशन को अंजाम देने वाले मेजर धानिक को असाधारण सामारिक कौशल, प्रेरणादायक नेतृत्व और अदम्य साहस के लिए सेना मेडल से सम्मानित किए जाने की घोषणा 26 जनवरी को की गई थी। शनिवार को अमृतसर में हुए कार्यक्रम में उन्हें सम्मानित किया गया। मेजर अजय धानिक के पिता भीम सिंह धानिक भी सेना में कैप्टन रह चुके हैं। मेजर अजय धानिक मूल रूप से पिथौरागढ़ जनपद के भुरमुनी गांव के रहने वाले हैं। वर्तमान में वे देहरादून में रहते हैं।