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Secret Himalayan Treks Near Kedarnath You’ve Never Heard Of
Trails once used by sages, locals, and shepherds. Ideal for travelers seeking silence over social media fame.
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हरिद्वार: धर्मनगरी हरिद्वार में पॉड टैक्सी के संचालन हेतु लंबे समय से कवायद चल रही है। आखिरकार लंबे समय इंतजार करने के बाद यह प्रोजेक्ट आकार लेता नजर आ रहा है।
तीर्थयात्रियों और स्थानीय लोगों के आवागमन को आरामदायक, वातानुकूलित सुविधापूर्ण और सुरक्षित बनाने के उद्देश्य से पीआरटी सिस्टम स्थापित किए जाने की दिशा में उत्तराखंड मेट्रो रेल कारपोरेशन की ओर से जोर-शोर से कार्य किया जा रहा है।इस प्रोजेक्ट को हरिद्वार दर्शन के नाम से लांच किया जाएगा और इसके तहत हरिद्वार आए यात्री और श्रद्धालु एक स्थान से दूसरे स्थान पर आने-जाने के लिए पॉड टैक्सी का प्रयोग कर सकेंगे। पॉड टैक्सी मात्र 600-800 एमएम की गोलाई वाले खंभों के ऊपर एलिवेटेड मार्ग पर चलेगी। आगे पढ़िए
इसके रुकने के स्टेशन भी एलिवेटेड होंगे। आपको बता दें कि भारत में पॉड टैक्सी का यह पहला प्रयोग होगा। इसकी सफलता देश के बाकी शहरों के लिए भी उदाहरण का काम करेगी। सस्टेनेबिलिटी के पैमाने पर भी यह खरी उतर रही है। यह हरिद्वार शहर के मूलरूप को कोई नुकसान नहीं पहुंचाएगी और यात्रियों के लिए सुगम यातायात का साधन उपलब्ध हो सकेंगे। पॉड टैक्सी की अधिकतम गति 90 किमी प्रति घंटा तथा औसत गति 40 से 60 किमी प्रतिघंटा रहेगी। यह टैक्सी प्रतिदिन एक लाख 25 हजार यात्रियों को एक स्थान से दूसरे स्थान तक पहुंचाएगी। इस परियोजना को 2026 तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। पहला कारिडोर सीतापुर भारत माता मंदिर है। दूसरा, सिटी हास्पिटल से दक्ष मंदिर, तीसरा वाल्मीकि चौक से ललतारो पुल, चौथा गणेशपुरम से डीएवी स्कूल रहेगा।