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हजारों वर्षों से जलती अखंड ज्योति के सामने सात फेरे - आस्था, परंपरा और प्रकृति का अनोखा संगम
पहाड़, मंत्र और देवभूमि का आशीर्वाद.. त्रियुगीनारायण में शादी सिर्फ एक समारोह नहीं, आध्यात्मिक अनुभव है।
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हरिद्वार: रामनवमी और हनुमान जयंती के दिन जहां देश में कई जगह शोभयात्राओं को लेकर हिंसक घटनाएं सामने आईं
वहीं धर्मनगरी हरिद्वार में सांप्रदायिक सद्भाव की अद्भुत मिसाल देखने को मिली। यहां भगवानपुर में हनुमान जयंती पर निकल रही शोभायात्रा पर मुस्लिम समुदाय ने फूलों की वर्षा की। हिंदू और मुस्लिम समुदाय के लोगों ने एक दूसरे को गले लगाया और देश में अमन की कामना की। बता दें कि भगवानपुर के डाडा जलालपुर गांव में बीते साल हनुमान जयंती के दिन शोभायात्रा को लेकर बवाल हो गया था। आगे पढ़िए
इस दौरान आगजनी हुई, पथराव भी हुआ था। पिछले साल की घटना के बाद प्रशासन की चिंता बढ़ गई थी। तनाव को देखते हुए क्षेत्र में पुलिस बल की तैनाती की गई थी। प्रशासन ने हनुमान जयंती की शोभयात्रा की सशर्त अनुमति प्रदान की थी। हालांकि इस बार डाडा जलालपुर गांव में किसी तरह के संघर्ष की स्थिति देखने को नहीं मिली। शोभायात्रा कस्बा स्थित संत रविवदास मंदिर से शुरू हुई, जो शोभायात्रा मुख्य बाजार से निकलते हुए शाहपुर तक पहुंची। जहां मुस्लिम समुदाय के लोगों ने फूल बरसाकर शोभायात्रा का स्वागत किया। हनुमान जयंती पर पहली बार इस तरह का भाईचारा देखने को मिला। इस मौके पर शाहपुर निवासी उस्मान ने कहा कि इस समय पवित्र रमजान का समय चल रहा है। कस्बे के लोग हमेशा से एक-दूसरे के धर्म का सम्मान करते आए हैं। इस तरह शोभायात्रा सकुशल संपन्न हुई।