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ऋषियों का मार्ग: केदार हिमालय के इन ट्रेक्स पर शोर नहीं, सिर्फ मंत्र सुनाई देते हैं
प्रकृति से जुड़ने और आत्मिक शांति पाने का अवसर। केदार हिमालय की वो यात्राएं जो ज़िंदगी भर याद रहती हैं।
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नैनीताल: कुमाऊं कमिश्नर दीपक रावत अपने सख्त रवैए के लिए बेहद मशहूर हैं। सरकारी अधिकारी उनके नाम से थरथर कांपते हैं।
दीपक रावत अब तक कई लापरवाह सरकारी अधिकारियों की क्लास लगा चुके हैं। सरकारी कार्यों के बीच जरा भी लापरवाही उनको बर्दाश्त नहीं है। हाल ही में उन्होंने तहसील का औचक निरीक्षण कर दिया। कमिश्नर को देख वहां हड़कंप मच गया। इस दौरान में गंभीर लापरवाही व अनियमितताएं उजागर हुई। निरीक्षण के दौरान दस्तावेजों के रखरखाव से लेकर, बिना अधिकृत अधिकारी के हस्ताक्षर के फाइलों को रखना,, लंबे समय से विवादित मामलों के निस्तारण न होने सहित अन्य मामले प्रकाश में आया। इस दौरान उन्होंने तहसीलदार सहित चार अधिकारियों एवं कर्मचारियों को फटकार लगाई और स्पष्टीकरण लेने के निर्देश दिए। आगे पढ़िए
दरअसल कलक्ट्रेट परिसर स्थित तहसील में बुधवार को कुमाऊं कमिश्नर सबसे पहले तहसीलदार व एसडीएम कार्यालय पहुंचे। यहां उन्होंने तहसीलदार के बगल वाले कार्यालय का निरीक्षण किया। इस दौरान दीपक रावत ने विवादित मामलों की संख्या और निस्तारण लंबे समय से न होने पर नाराजगी व्यक्त की। इसके बाद एक फाइल में शिकायतकर्ता के 16 आवेदनों पर भी उनकी समस्या का निस्तारण न होने पर उन्होंने अधिकारियों की जमकर क्लास लगाई। तीन पुरानी फाइल निकाल उनके निस्तारण न होने, सभी फाइलों को पोर्टल पर अपलोड न करने पर उन्होंने आशुलिपिक को भी खूब डांट लगाई। दीपक रावत ने अधिकारियों और कर्मचारियों को जल्द से जल्द व्यवस्था दुरुस्त करने के सख्त निर्देश दे दिए हैं।