उत्तराखंड में शराब के शौकीनों के लिए बुरी खबर, हाईकोर्ट ने सुनाया बड़ा फैसला

याचिकाकर्ता ने कहा कि एक ओर सरकार प्लास्टिक उन्मूलन कार्यक्रम चला रही है, वहीं दूसरी ओर टेट्रा पैक के जरिए इसे प्रमोट कर रही है।
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uttarakhand liquor high court ban: alcohol tetra pack banned in uttarakhand
Image: alcohol tetra pack banned in uttarakhand

नैनीताल: राज्य सरकार ने आबकारी नीति के तहत शराब की बिक्री टेट्रा पैक में करने की योजना बनाई थी।

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इसके तहत शराब की बिक्री 200 एमएल टेट्रा पैक में करने की बात कही गई थी, लेकिन फिलहाल ये योजना परवान चढ़ती नहीं दिख रही। वो इसलिए क्योंकि, नैनीताल हाई कोर्ट ने आबकारी नीति-2023 की धारा-5.5 के अंतर्गत 200 एमएल शराब की टेट्रा पैक में बिक्री पर फिलहाल रोक लगा दी है। अगली सुनवाई 21 अप्रैल को होगी। वहीं कोर्ट ने सरकार से जवाब भी मांगा है। कोर्ट का कहना है कि टेट्रा पैक में शराब की बिक्री से पर्यावरण को नुकसान होगा। कोर्ट ने सरकार ये भी पूछा है कि आखिर किस अध्ययन या शोध के बाद शराब की बिक्री टेट्रा पैक में करने का निर्णय लिया गया है।आगे पढ़िए

मंगलवार को नैनीताल हाईकोर्ट में चंपावत के नरेंद्र चंद्र द्वारा लगाई गई जनहित याचिका पर सुनवाई हुई। जिसमें कहा गया है कि आबकारी नीति की यह धारा पर्यावरण को नुकसान पहुंचाएगी। एक ओर सरकार प्लास्टिक उन्मूलन कार्यक्रम चला रही है, वहीं दूसरी ओर टेट्रा पैक के जरिए इसे प्रमोट कर रही है। सरकार की ओर से सीएससी चंद्रशेखर रावत ने याचिका का विरोध करते हुए कहा कि दूध, छांछ सहित तमाम उत्पाद टेट्रा पैक में ही बेचे जा रहे हैं। सरकार द्वारा यह निर्णय सोच-समझकर लिया गया है। सुनवाई के दौरान कोर्ट ने कहा कि हर माह एक करोड़ टेट्रा पैक बिकेंगे तो इससे गंदगी होगी और पर्यावरण को नुकसान होगा। इसलिए फिलहाल टेट्रा पैक में शराब की बिक्री पर रोक लगा दी गई है। मामले की अगली सुनवाई 21 अप्रैल को होगी।