हरिद्वार के लोगों को जल्द मिलेगी पॉड टैक्सी की सौगात, जानिए प्रोजेक्ट की खूबियां

शहर की ट्रैफिक व्यवस्था सुधारने और लोगों को बेहतर यातायात सेवा देने के उद्देश्य से शहर में पॉड टैक्सी सेवा की शुरुआत होने जा रही है।
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Peaceful and untouched trekking routes away from the crowds. Hidden trails where nature still remains raw and pure.

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Haridwar Pod Taxi Project: India First Pod Taxi To Operate In Haridwar
Image: India First Pod Taxi To Operate In Haridwar

हरिद्वार: हरिद्वार के लोग भविष्य में पॉड टैक्सी में सफर का आनंद ले सकेंगे। शहर की ट्रैफिक व्यवस्था सुधारने और लोगों को बेहतर यातायात सेवा देने के उद्देश्य से शहर में पॉड टैक्सी सेवा की शुरुआत की जा रही है।

India First Pod Taxi To Operate In Haridwar

हरिद्वार में करीब साढ़े तीन हेक्टेयर भूमि पर परियोजना संबंधी काम किया जाएगा, इसमें से ज्यादातर भूमि सरकारी भूमि है। ये देश की पहली पॉड टैक्सी होगी, जो कि हरिद्वार में चलेगी। योजना का बजट 1380 करोड़ रुपये है। इसे देहरादून, ऋषिकेश और हरिद्वार के लिए तैयार हो रही मेट्रो रेल परियोजना से जोड़कर विकसित किया जा रहा है। योजना धरातल पर उतरी तो शहर और शहरवासियों को कई फायदे होंगे। शहरी क्षेत्र में जाम की समस्या से निजात मिलेगी। सार्वजनिक परिवहन सेवाएं बेहतर बनेंगी। पॉड टैक्सी योजना का मुख्य डिपो ऋषिकुल चौराहा के पास स्थित ऋषि कुल मैदान में कुल 1.74 हेक्टेयर में स्थापित किया जाएगा। पॉड टैक्सी सतह यानी सड़क से 20 से 24 फीट की ऊंचाई पर चलेगी।

इसके लिए जगह जगह पोल खड़े किए जाएंगे। पोल के दोनों तरफ पॉड टैक्सी को चलाने के लिए रेल लाइन की तरह ट्रैक विकसित किया जाएगा। सड़क मार्ग से आने वाले यात्रियों के लिए हवा में ही नौ मीटर की चौड़ाई और लंबाई का रेलवे स्टेशन बनाया जाएगा, जिस पर पहुंचने के लिए लिफ्ट और एस्केलेटर का प्रयोग किया जाएगा। परियोजना में करीब आठ बीघा निजी भूमि का इस्तेमाल होगा, जिसे उत्तराखंड मेट्रो कॉरपोरेशन सरकार के सहयोग से अधिग्रहित करेगा। योजना के स्टेशन और रूट इस हिसाब से तैयार किए जा रहे हैं, जिससे वो देहरादून, हरिद्वार, ऋषिकेश के बीच चलने वाली मेट्रो ट्रेन की सहयोगी बन सके। बता दें कि हरिद्वार, ऋषिकेश और देहरादून के बीच मेट्रो रेल चलाने को लेकर सहमति बन चुकी है और ट्रेन के रूट को लेकर खाका भी तैयार हो चुका है।