उत्तराखंड चारधाम यात्रा के पहले ही दिन दम तोड़ गया ट्रैफिक सिस्टम, घंटों जाम में फंसे रहे लोग

ट्रैफिक संभालने के लिए एक प्लाटून पीएसी समेत 98 पुलिसकर्मियों की तैनाती की गई थी, फिर भी वाहन रेंग-रेंग कर चलते नजर आए।
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Image: uttarakhand char dham yatra traffic problem

हरिद्वार: चारधाम यात्रा के पहले ही दिन उत्तराखंड की सड़कों पर भारी जाम नजर आया। वीकेंड पर हरिद्वार, देहरादून और मसूरी-ऋषिकेश की सड़कें जाम से जूझती रहती हैं और इस बार भी यही हुआ।

Uttarakhand Char Dham Yatra Traffic

शनिवार को चारधाम यात्रा का पहला दिन था और पहले ही दिन यात्री दिल्ली-हरिद्वार हाईवे पर घंटों जाम में फंसे रहे। दिल्ली एनसीआर और यूपी से उत्तराखंड आने वालों की मुश्किलें कई गुना तक बढ़ गई थीं। इस दौरान तीर्थयात्रियों और पर्यटकों की भारी भीड़ उत्तराखंड में देखने को मिली। हरिद्वार में यात्रा सीजन के पहले दिन इस साल का अब तक का सबसे लंबा जाम लगा। ट्रैफिक संभालने के लिए एक प्लाटून पीएसी समेत 98 पुलिसकर्मियों की तैनाती की गई थी, फिर भी वाहन रेंग-रेंग कर चलते नजर आए। हाईवे चौड़ीकरण के बाद भी यहां जाम से निजात नहीं मिल रही। हाल ये है कि दिल्ली से हरिद्वार पहुंचने में जहां तीन घंटे लगते हैं, वहीं हरिद्वार से बाहर निकलने में भी इतना ही वक्त लग रहा है।

शनिवार को हरिद्वार के भीतर हर सड़क पर जाम लगा रहा। दूधाधारी चौक पर सुबह से ट्रैफिक का दबाव बढ़ने लगा था। इसी तरह चंडीघाट चौक, सप्तऋषि क्षेत्र और शंकराचार्य चौक पर भी लोग जाम से जूझते रहे। सर्वानंद घाट और मोतीचूर के पास भी जाम लगा रहा। कहने को ट्रैफिक पुलिस की तैनाती की गई थी, लेकिन हालात काबू में नहीं आ रहे थे। दोपहर तीन बजे के बाद कहीं जाकर ट्रैफिक की स्थिति सामान्य हो सकी। बता दें कि डीजीपी अशोक कुमार के आदेश पर चीला मार्ग को वन वे किया गया है। इस मार्ग से चारधाम से आने वाले वाहन वापस आएंगे, लेकिन हरिद्वार आने वाले लोग गूगल मैप के जरिए यहां पहुंच रहे हैं और इस रास्ते ऋषिकेश जाने की जिद कर रहे हैं। जिस वजह से चंडीघाट चौक पर हर वक्त जाम लगा रहता है। यात्रा के पहले ही दिन यात्रियों को बुरे अनुभव से गुजरना पड़ा। आने वाले वक्त में स्थिति और भयावह हो सकती है।