ढोल-नगाड़ों की थाप पर थिरकते भक्तों का उत्साह देखते ही बन रहा था। देशभर से आए हजारों श्रद्धालु इस खास पल के साक्षी बने।
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कोमल नेगी
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हजारों वर्षों से जलती अखंड ज्योति के सामने सात फेरे - आस्था, परंपरा और प्रकृति का अनोखा संगम
पहाड़, मंत्र और देवभूमि का आशीर्वाद.. त्रियुगीनारायण में शादी सिर्फ एक समारोह नहीं, आध्यात्मिक अनुभव है।
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Image: kedarnath kapat opening alert of snowfall
रुद्रप्रयाग: भगवान भोलेनाथ के भक्तों का इंतजार खत्म हुआ। मंगलवार को केदारनाथ धाम के कपाट श्रद्धालुओं के लिए खोल दिए गए।
Kedarnath kapat opening alert of snowfall
सुबह 6 बजकर 20 मिनट पर विधि-विधान के साथ धाम के कपाट खोले गए, इसी के साथ पूरा धाम महादेव के जयकारों से गूंज उठा। ढोल-नगाड़ों की थाप पर थिरकते भक्तों का उत्साह देखते ही बन रहा था। देशभर से आए हजारों श्रद्धालु इस खास पल के साक्षी बने। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने भी बाबा केदार के द्वार पर शीश नवाया। मौसम ठीक होते ही सीएम केदारनाथ धाम पहुंचे और मंदिर में पूजा-अर्चना कर प्रदेश की सुख-समृद्धि का आशीर्वाद बाबा केदार से मांगा। धाम के कपाट खुलने की प्रक्रिया सुबह 5 बजे ही शुरू हो गई थी। बाबा केदार की पंचमुखी भोग मूर्ति चल उत्सव विग्रह डोली में विराजमान होकर रावल निवास से मंदिर परिसर में पहुंची। आगे पढ़िए
इसके बाद रावल एवं श्री बदरीनाथ केदारनाथ मंदिर समिति के पदाधिकारियों की मौजूदगी में प्रशासन की ओर से मंदिर के कपाट खोले गए। मंदिर के कपाट खुलने के बाद मुख्य पुजारी ने गर्भ गृह में भगवान केदारनाथ की पूजा-अर्चना की। इस तरह आज से केदारनाथ यात्रा शुरू हो गई है, लेकिन चुनौतियां बरकरार हैं। केदारनाथ में अगले कुछ दिन मौसम खराब रहेगा। इसे लेकर चेतावनी भी जारी की गई है। धाम क्षेत्र में लगातार बर्फबारी हो रही है, यही वजह है कि तीर्थ यात्रियों को टिहरी में रोकना पड़ रहा है। यात्रियों को फिलहाल भद्रकाली, मुनिकीरेती थाने के व्यासी में रोककर उनसे ऋषिकेश में रुकने को कहा जा रहा है। केदारनाथ यात्रा के लिए रजिस्ट्रेशन भी बंद कर दिया गया है। हालांकि गंगोत्री-यमुनोत्री धाम की यात्रा सुचारू है।