कोठियालसैंण के होनहार मयंक ने पास की SSC-CGL परीक्षा, कई असफलताओं के बाद मिली सफलता

मयंक लंबे वक्त से प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे थे, कई बार असफलता भी हाथ लगी, लेकिन मयंक ने मेहनत करना नहीं छोड़ा।
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Gopeshwar Mayank SSC-CGL Exam: Uttarakhand Gopeshwar Mayank Passed SSC-CGL Exam
Image: Uttarakhand Gopeshwar Mayank Passed SSC-CGL Exam

चमोली: प्रदेश के होनहार युवा राष्ट्रीय संस्थानों में चयनित होकर प्रदेश का मान बढ़ा रहे हैं।

Gopeshwar Mayank Passed SSC-CGL Exam

आज हम आपको उत्तराखंड के एक ऐसे ही होनहार युवा के बारे में बताने जा रहे हैं, जिन्होंने एसएससी सीजीएल परीक्षा में सफलता हासिल कर प्रदेश को गौरवान्वित किया है। हम बात कर रहे हैं मयंक राणा की। जिनका चयन भारत के नियंत्रक और महालेखा परीक्षक कैग में हुआ है। वो बतौर लेखाकार अकाउंटेंट के तौर पर यहां अपनी सेवाएं देंगे। मयंक मूलरूप से चमोली जिले के कोठियालसैंण गांव के रहने वाले हैं। उनकी सफलता से परिवार और जिले में खुशी का माहौल है। लोग बधाई देने के लिए घर पर आ रहे हैं। मयंक के परिजनों ने बताया कि उन्होंने अपनी शुरूआती पढ़ाई एसजीआरआर पब्लिक स्कू, ल गोपेश्वर, चमोली से हासिल की। आगे पढ़िए

इसके बाद उन्होंने एचएनबी गढ़वाल यूनिवर्सिटी से बीएससी की डिग्री हासिल की। वो लंबे वक्त से प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे थे, कई बार असफलता भी हाथ लगी, लेकिन मयंक मेहनत करते रहे। अब उन्होंने दूसरे प्रयास में एसएससी सीजीएल परीक्षा पास कर ली। जिसके बाद वह भारत के नियंत्रक और महालेखा परीक्षक में लेखाकार अकाउंटेंट बन जाएंगे। मयंक की पढ़ाई उत्तराखंड के पर्वतीय इलाकों में ही हुई। एसएससी सीजीएल परीक्षा की तैयारी के लिए उन्होंने श्रीनगर में कोचिंग भी ली थी। मयंक के पिता उमेद सिंह राणा आईटीबीपी में अधिकारी के रूप में कार्यरत हैं, जबकि माता मुन्नी राणा कुशल गृहणी हैं। बेटे की सफलता से दोनों खुशी से फूले नहीं समा रहे। मयंक ने अपनी सफलता का श्रेय अपने माता-पिता एवं गुरुजनों को दिया है। राज्य समीक्षा टीम की ओर से उन्हें शुभकामनाएं।