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Untouched Trekking Routes in Kedar Himalaya, Uttarakhand
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उधमसिंह नगर: कैंसर जैसी गंभीर बीमारी परिवारों को किस कदर बर्बाद कर देती है, इसकी एक बानगी काशीपुर में देखने को मिली।
यहां रहने वाले डॉ. इंद्रेश शर्मा ने मंगलवार रात अपनी पत्नी संग खुदकुशी कर ली। डॉ. इंद्रेश शर्मा की पत्नी कैंसर से जूझ रही थी। वो बीमारी के दर्द, गरीबी और मुफलिसी के दौर से गुजर रहे थे। सिर पर उधार हो गया था। देनदार ताने देने लगे तो डॉ. इंद्रेश शर्मा और उनकी पत्नी ने मौत को गले लगा लिया। इस घटना का सबसे दुखद पहलू ये है कि डॉ. इंद्रेश और उनकी पत्नी के जाने के बाद उनका 12 साल का बेटा ईशान अकेला रह गया है। जो हाथ ईशान को कल तक निवाला खिलाते थे, जब उन्हें मुखाग्नि देनी पड़ी तो श्मशान में मौजूद हर शख्स का कलेजा दर्द से फट पड़ा। ईशान और उसकी दीदी किसी तरह एक-दूसरे को संभालने की कोशिश कर रहे थे।
शर्मा परिवार के करीबियों ने बताया कि ईशान ने इतनी कम उम्र में माता-पिता को खोने के बाद भी जिस तरह का धैर्य दिखाया, वो हर किसी के बस की बात नहीं है। ईशान ने रोते हुए कहा कि चाहे जो हो जाए वो पापा का सपना जरूर पूरा करेगा। पहले कहा जा रहा था कि डॉ. इंद्रेश ने पत्नी के अलावा बेटे को भी नशे का इंजेक्शन लगाया था, हालांकि जांच में ये बात साफ हो गई कि ईशान को उन्होंने कोई इंजेक्शन नहीं लगाया था। वो बेटे को कोई नुकसान नहीं पहुंचाना चाहते थे। बता दें कि पेशे से चिकित्सक डॉ. इंद्रेश शर्मा की सारी जमापूंजी पत्नी वर्षा के कैंसर के इलाज में लग गई थी। उन्होंने लोगों से उधार भी लिया हुआ था। मुसीबत की घड़ी में किसी ने उनका साथ नहीं दिया। पैसा देने वालों के दबाव में आकर उन्होंने अपनी और पत्नी वर्षा की जीवन लीला समाप्त कर ली।