उत्तराखंड के इस जिले में गरीबों को पैसे देकर बनाया गया ईसाई, मामले में सनसनीखेज खुलासे

पकड़े गए आरोपी प्रौढ़ शिक्षा केंद्र के बहाने लोगों को मतांतरण के लिए प्रेरित कर रहे थे। जांच में दोनों को लेकर बड़े खुलासे हुए हैं।
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Udham Singh Nagar Conversion: Conversion of poor families in Udham Singh Nagar kichha
Image: Conversion of poor families in Udham Singh Nagar kichha

उधमसिंह नगर: ऊधमसिंहनगर का किच्छा क्षेत्र... यहां गरीब तबके के लोगों का ब्रेन वॉश कर उनका धर्मांतरण किया जा रहा था।

Conversion of poor families in kichha

उन्हें दस-दस लाख रुपये देने का लालच देकर धर्म बदलने को कहा जा रहा था। इस मामले में बीते दिनों दो आरोपियों की गिरफ्तारी हुई थी। जिसके बाद ईसाई मिशनरी से जुड़े दो विदेशी जांच के दायरे में हैं। जांच में दोषी पाए जाने पर पुलिस उनके विरुद्ध भी कार्रवाई करेगी। मामला 9 जून का है। पूर्व ग्राम प्रधान राजकुमार कोली ने वार्ड नंबर दो बंगाली कालोनी आजाद नगर के एक घर में लालच देकर धर्म परिवर्तन कराने को लेकर उत्तराखंड धार्मिक स्वतंत्रता अधिनियम 2018 के तहत मुकदमा दर्ज करवाया था। जांच में विकास कुमार पुत्र स्व. रामचरन व अंकित पाल पुत्र चंद्रपाल निवासी वार्ड नंबर एक धौराटांडा थाना भोजीपुरा जनपद बरेली उत्तर प्रदेश का नाम सामने आया। जिसके बाद दोनों को गिरफ्तार कर लिया गया। ये दोनों प्रौढ़ शिक्षा केंद्र के बहाने लोगों को मतांतरण के लिए प्रेरित कर रहे थे। जांच में दोनों को लेकर बड़े खुलासे हुए हैं।

पूछताछ में विकास ने बताया वह वर्ष 2008 से दिसंबर 2022 तक सिलीगुडी पश्चिम बंगाल में चर्च व पादरियों के पास काम करता था। उसके बाद उसने एक एनजीओ का गठन किया और अपने घर बरेली आ गया। वो सालों से लोगों को धर्मांतरण के लिए प्रेरित कर रहा था। कुछ समय पहले वो सिलीगुड़ी में दो अमेरिकी नागरिकों से मिला और जो कि बंगाली कॉलोनी आजादनगर में मतांतरण के लिए लोगों को प्रेरित करने के लिए उसके बुलावे पर आ पहुंचे। उन्होंने तीन दिन तक लोगों को मतांतरण के लिए प्रेरित किया। घटना वाले दिन जब बीजेपी कार्यकर्ता मौके पर पहुंचे तो दोनों विदेशियों को वाहन में बैठा कर भेज दिया गया था। यूएसए के दोनों नागरिकों का 14 जून को भारत में वीजा खत्म हो रहा है। ये दोनों अगर अमेरिका चले गए तो उन्हें वापस ला पाना बड़ी चुनौती होगी । सीओ ओमप्रकाश शर्मा ने कहा दोनों अमेरिकी नागरिकों की भूमिका की जांच की जा रही है। जांच में उनके दोषी पाए जाने पर उनके विरुद्ध कार्रवाई की जाएगी।