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No reels. No crowds. Just Kedar Himalaya - This trek doesn’t want to be famous..
Alpine meadows, dense forests, and snow-capped peaks in one journey. Suitable for both beginner and experienced trekkers.
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देहरादून: अरब सागर से उठे बिपरजॉय तूफान ने गुजरात के कच्छ में जमकर तबाही मचाई। यहां कई जिलों में तेज हवाएं चल रही हैं और बारिश हो रही है।
कई इलाकों में तेज हवा के कारण पेड़ उखड़ गए। अलग-अलग जगह हुए हादसों में कई लोगों के घायल होने की खबर है। अगर आप सोच रहे हैं कि बिपरजॉय Biparjoy का असर सिर्फ तटीय इलाकों में ही दिखेगा तो आप गलत हैं। अगले कुछ दिन में चक्रवाती तूफान बिपरजॉय का असर उत्तराखंड में भी नजर आ सकता है। मौसम विभाग ने 18 जून से प्रदेश के ज्यादातर क्षेत्रों में अंधड़ व भारी वर्षा की आशंका जताई है, जो दो से तीन दिन तक जारी रह सकती है। इन दिनों प्रदेश के ज्यादातर क्षेत्रों में मौसम शुष्क बना हुआ है, भीषण गर्मी बेहाल कर रही है। आगे पढ़िए
लोग बारिश का इंतजार कर रहे हैं, यह इंतजार 18 जून को खत्म हो सकता है। मौसम विभाग ने 18 जून से प्रदेश के ज्यादातर क्षेत्रों में अंधड़ व भारी वर्षा की आशंका जताई है। मौसम विज्ञान केंद्र के निदेशक बिक्रम सिंह के अनुसार उत्तराखंड में बिपरजॉय चक्रवात के कारण अंधड़ और भारी वर्षा के आसार बन रहे हैं। हालांकि, इसका दक्षिण-पश्चित मानसून पर कोई खास असर पड़ने की उम्मीद नहीं है। जून के अंत तक उत्तराखंड में मानसून दस्तक दे देगा, उससे पहले प्रदेश के मौसम में बदलाव नजर आ सकता है। कई क्षेत्रों में बारिश-ओलावृष्टि की संभावना बनी हुई है। बात करें मैदानी क्षेत्रों की तो यहां चटख धूप झुलसा रही है। उमस के कारण लोग परेशान हैं। बीते दिन कई क्षेत्रों में आंशिक बादल मंडराने के साथ ही हल्की बूंदाबांदी भी हुई, लेकिन उमस से राहत नहीं मिली।