पहाड़ में महापाप! हैवान ने पहले मां के साथ किया रेप, 16 महीने के बेटी को भी नहीं छोड़ा

बागेश्वर में हैवानियत की हदें पार, पहले किया माँ के साथ दुष्कर्म, फिर 16 माह की बेटी को बनाया हवस का शिकार, गला घोंट कर हत्या
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bageshwar mother daughter misdeed: Misdeed with mother and daughter in Bageshwar
Image: Misdeed with mother and daughter in Bageshwar

बागेश्वर: उत्तराखंड के बागेश्वर से हैवानियत की एक ऐसी खबर सामने आई है जिसको पढ़कर आपको भी इंसान की कौम पर शर्म आएगी।

Misdeed with mother and daughter in Bageshwar

बागेश्वर में रेप का बहुत ही शर्मनाक मामला सामने आया है। यहां एक व्यक्ति ने क़ई दिनों तक एक औरत का रेप किया। मां का कई बार रेप करने के बाद जब आरोपी का मन नहीं भरा तो उसने हैवानियत की सारी हदें पार कर दी। युवक ने महिला 18 माह की बच्ची के साथ हैवानियत की सारी हदें पार कर दीं और उसका भी रेप कर डाला। उसके बाद आरोपी ने बच्ची की गला दबाकर हत्या कर दी। हादसे के बाद पुलिस महकमे में भी हड़कंप मच गया। कोर्ट ने दोषी को सजा सुनाई है। जिला सत्र न्यायाधीश आरके खुल्बे ने मासूम की हत्या व महिला से दुराचार के आरोपी को दोषी ठहराते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। दो अन्य मामले में 20 व दो वर्ष की सजा सुनाई है।

दरअसल बागेश्वर कोतवाली के गांव सातरतबे में ठेकेदार ने नेपाली मजदूर को एक ग्रामीण के पुराने मकान में ठहराया था। उसी गांव के धीरज तिवारी ने नेपाल की महिला से दुराचार किया। उसने महिला को धमकी दी कि अगर उसने अपना मुंह खोला तो वह उसे जान से मार देगा। उसने हथियार दिखाकर किसी को न बताने के लिए धमकाया। कुछ दिन तक आरोपी पीड़ित महिला के साथ रोज़ बलात्कार करता था। फिर उस हैवान ने उसकी 18 माह की बच्ची को भी नहीं छोड़ा। जब दोबारा दुराचार की कोशिश पर पीड़िता भाग गई तो आरोपी उसके बगल के कमरे में गया। वहां महिला की 18 माह की बच्ची सोई थी। अभियुक्त ने उसके साथ दुराचार किया और गला दबाकर हत्या कर दी। अगले दिन जिला चिकित्सालय में बच्ची के पोस्टमार्टम में दुष्कर्म की पुष्टि हुई। 25 जून को महिला ने बयान दिया और बाद में कोतवाली में प्राथमिकी दर्ज कराई। मामला कोर्ट तक गया। जिला सत्र न्यायाधीश ने धारा 302 में आजीवन कारावास, 25 हजार जुर्माना, 302 में दो साल की सजा, धारा 55 / 6 पॉक्सो एक्ट में 20 साल की सजा व 25 हजार अर्थदंड लगाया है।