ऋषिकुल में भारी बारिश के दौरान एक शख्स के घर की दीवार भी ढह गई। जिससे कमरे में रखा बेड और अन्य सामान नाले में समा गया।
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कोमल नेगी
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हजारों वर्षों से जलती अखंड ज्योति के सामने सात फेरे - आस्था, परंपरा और प्रकृति का अनोखा संगम
पहाड़, मंत्र और देवभूमि का आशीर्वाद.. त्रियुगीनारायण में शादी सिर्फ एक समारोह नहीं, आध्यात्मिक अनुभव है।
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Image: ganga water level reached danger level in uttarakhand
हरिद्वार: मानसून के उत्तराखंड पहुंचते ही एक बार फिर तबाही मचने लगी है।
Ganga water level reached danger level
गंगा नदी हरिद्वार में खतरे के निशान तक पहुंच गई है। हालात लगातार बिगड़ रहे हैं। ऋषिकेश में रिवर राफ्टिंग पर रोक लगा दी गई है। लगातार बारिश से प्रदेश की दूसरी नदियां भी उफान पर हैं। हरिद्वार में गंगा का जलस्तर चेतावनी निशान के करीब पहुंच गया था। चेतावनी निशान 293 मीटर है। रविवार को दोपहर एक बजे गंगा का जलस्तर सबसे अधिक 292.20 मीटर रहा। हालांकि शाम को पांच बजे गंगा का जलस्तर एक बार फिर 291.20 मीटर पर पहुंच गया। मानसून के पहले दिन हरिद्वार में सुबह आठ बजे तक साल की रिकार्ड 155 एमएम बारिश दर्ज की गई। ऋषिकुल में एक शख्स के घर की दीवार भी ढह गई। जिससे कमरे में रखा बेड और अन्य सामान नाले में समा गया। परिवार ने बच्चों को बड़ी मुश्किल से बचाया। आगे पढ़िए
Uttarakhand Weather Update
कैबिनेट मंत्री प्रेमचंद अग्रवाल ने रविवार सुबह गंगा नदी का निरीक्षण किया। इस दौरान बढ़ते जलस्तर को देखते हुए उन्होंने अधिकारियों को अलर्ट मोड पर रहने के निर्देश दिए। भारी बारिश के अलर्ट के चलते टिहरी प्रशासन ने कौड़ियाला, मुनिकीरेती, शिवपुरी, ब्रह्मपुरी क्षेत्र में होने वाली राफ्टिंग पर रोक लगा दी है। प्रशासन ने यह कदम पर्यटकों की सुरक्षा के मद्देनजर उठाया है। अगले आदेश तक रिवर राफ्टिंग पर रोक जारी रहेगी। उत्तराखंड वासियों को अगले 4 दिन सावधान रहना होगा। 26 जून को प्रदेश के पर्वतीय जिलों में कहीं-कहीं गर्जन के साथ आकाशीय बिजली चमकने और कई दौर की बारिश होने का ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। अगले कुछ दिनों तक भारी बारिश का दौर जारी रहेगा, आप भी सावधान रहें।