Advertisement
ऋषियों का मार्ग: केदार हिमालय के इन ट्रेक्स पर शोर नहीं, सिर्फ मंत्र सुनाई देते हैं
प्रकृति से जुड़ने और आत्मिक शांति पाने का अवसर। केदार हिमालय की वो यात्राएं जो ज़िंदगी भर याद रहती हैं।
Example Ads Media
चम्पावत: मानसून ने शनिवार को उत्तराखंड में दस्तक दे दी। इसी के साथ प्रदेशभर में भारी बारिश का दौर शुरू हो गया है। खराब मौसम को देखते हुए केदारनाथ धाम की यात्रा फिलहाल रोक दी गई है।
कुमाऊं में भी भारी बारिश के अलर्ट को देखते हुए चंपावत के पूर्णागिरि धाम में शाम सात से सुबह छह बजे के बीच श्रद्धालुओं की एंट्री बंद कर दी गई है। पूर्णागिरि मंदिर समिति अध्यक्ष किशन तिवारी ने समस्त पुजारी व व्यापारियों ने आग्रह किया है कि किसी भी श्रद्धालु को शाम सात से सुबह 6 बजे के बीच पूर्णागिरि धाम नहीं भेजें। धर्मशाला संचालकों से भी यही अपील की गई है। मंदिर समिति व मेला प्रशासन की बैठक में यह निर्णय लिया गया। वर्षाकाल के दौरान रात्रि आठ बजे बाद ककराली गेट से वाहनों को पूर्णागिरि मार्ग पर जाने की अनुमति नहीं होगी। आगे पढ़िए
दिन के समय जब बाटनागाड़ व किरौड़ा नाला ऊफान पर होंगे, तब भी यात्रियों को मार्ग पर आगे-जाने की अनुमति नहीं होगी। बरसात में खतरे को देखते हुए रात्रि के समय यात्रियों को रामबेड़ा से ऊपर नहीं आने दिया जाएगा। श्रद्धालुओं से भी सहयोग की अपील की गई है। टनकपुर में शारदा नदी का जलस्तर बढ़ने के बाद यहां राफ्टिंग सेवा बंद कर दी गई है। यहां सितंबर माह तक राफ्टिंग संबंधी गतिविधियां नहीं होंगी। टनकपुर-घाट राष्ट्रीय राजमार्ग को भी बरसात के दौरान रात में आवाजाही के लिए बंद रखा जाएगा। पहले इस मार्ग को एक जुलाई से बंद करने पर विचार चल रहा था, लेकिन क्योंकि क्षेत्र में लगातार भारी बारिश हो रही है, इसलिए एनएच को समय से पहले बंद किया जा सकता है।