मार्ग बंद होने से नेपाल सीमा से लगे दर्जनों गांवो सहित चीन सीमा से लगे सात गांवों का सम्पर्क भंग हो चुका है।
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अनुष्का ढौंडियाल
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Image: Massive rock crack near tawaghat many people trapped
पिथौरागढ़: उत्तराखंड में मानसून की दस्तक के बाद से ही जगह जगह पर हादसों की खबरें आ रही हैं। हल्के पहाड़ी इलाकों में तो हालात फिर भी सामान्य बने हुए हैं मगर दूरस्थ क्षेत्रों में तो आपदा जैसे हालात बन गए हैं।
Massive rock crack near tawaghat
सीमांत के दूरस्थ क्षेत्रों में हालात बेकाबू हो रही है। पिथौरागढ़ में तवाघाट-लिपुलेख मार्ग तवाघाट से दो किमी आगे विशाल चट्टान दरकने से बंद हो गया है। मार्ग बंद होने से नेपाल सीमा से लगे दर्जनों गांवो सहित चीन सीमा से लगे सात गांवों का सम्पर्क भंग हो चुका है। वहीं चीन सीमा तक जाने वाला प्रमुख सीमा मार्ग तवाघाट-लिपुलेख मार्ग पर तवाघाट से दो किमी दूर सोमवार को विशाल चट्टान दरक गई और भारी बोल्डर सड़क पर गिरे। इस दौरान मौके पर किसी वाहन के नहीं होने से बड़ा हादसा टल गया। आगे पढ़िए
Many people trapped in tawaghat
बीआरओ द्वारा मार्ग खोलने का प्रयास किया गया, परंतु बीआरओ की ड्रिलिंग मशीन खराब हो गई। मार्ग के मंगलवार तक खुलने की संभावना बताई जा रही है। मार्ग बंद होने से तीनतोला, गस्कू, पांगला, मांगती, गार्बाधार सहित एक दर्जन से अधिक गांव और उच्च हिमालय के चीन सीमा से लगे बूंदी, गब्र्याग, गुंजी, नपलच्यु, नाबी, रोंगकोंंग, कुटी सहित आदि कैलास, ओम पर्वत, लिपुलेख का संपर्क कट चुका है। बता दें कि उत्तराखंड में बिगड़ते मौसम की वजह से लोगों को भारी मुश्किल हो रही है। जगह जगह पर पहाड़िया धड़क रही हैं और भूस्खलन की वजह से कई सड़कें अवरुद्ध हो रखी हैं। ऐसे में पहाड़ों वाहन चलाना भी खतरे से खाली नहीं है। मौसम विभाग के अनुसार आने वाले कुछ दिनों तक बरसात लोगों की मुसीबतें बढ़ाएगी। ऐसे में मौसम विभाग ने लोगों से सावधान रहने की अपील की है।