महंगाई के चलते थाली से सब्जियां गायब हो गई हैं। टमाटर इतने महंगे हैं कि लोगों ने सब्जियों में टमाटर का तड़का लगाना बंद कर दिया है।.
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कोमल नेगी
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Image: tomato and vegetable price hike in uttarakhand
नैनीताल: पहले से महंगाई की मार झेल रहे लोगों पर सब्जियों की आसमान छूती कीमतों ने एक और बोझ डाल दिया है। टमाटर पेट्रोल-डीजल से ज्यादा महंगा बिक रहा है तो वहीं लौकी-तुरई जैसी सब्जियां भी खूब तेवर दिखा रही हैं।
Tomato price hike in uttarakhand
सरोवर नगरी नैनीताल में महंगी सब्जी ने आम आदमी का बजट बिगाड़ दिया है। महंगाई के चलते थाली से सब्जियां गायब हो गई हैं। खासकर टमाटर के रेट तेजी से बढ़े हैं। हाल ये है कि लोगों ने सब्जियों में टमाटर का तड़का लगाना तक बंद कर दिया है। नैनीताल में टमाटर 100 से 140 रुपये प्रति किलो के भाव पर बिक रहा है। सरोवर नगरी में हल्द्वानी सहित गरमपानी, खैरना, कोटाबाग सहित कालाढूंगी रोड से सटी ग्राम पंचायतों से सब्जियों की आवक होती है। इस बार बारिश से ग्रामीण इलाकों में सब्जियों का उत्पादन बेहद कम हुआ है तो हल्द्वानी मंडी में भी महंगे दाम में सब्जियां मिल रही हैं।
Uttarakhand Vegetable Rate
सब्जी कारोबारियों का कहना है कि बारिश से नदी किनारे के इलाकों की सब्जियां खराब हो गईं, जिसका असर सब्जियों की आवक पर पड़ा है। सब्जियों के दाम में बढ़ोत्तरी से घरों का बजट गड़बड़ा गया है। होटल-रेस्टोरेंट में भी पर्यटकों सहित स्थानीय ग्राहकों की सलाद की प्लेट से टमाटर गायब हो गया है। शहर में पहाड़ी टमाटर 110 रुपये से 140 रुपये प्रति किलो के भाव से बिक रहा है। वहीं देसी टमाटर 100 से 120 रुपये प्रति किलो के दाम में बिक रहा है। कद्दू 38 से 50 रुपये प्रति किलो मिल रहा है। तुरई और लौकी के दाम भी बढ़े हैं। तुरई 60 से 70 रुपये प्रति किलो के भाव से बिक रही है तो वहीं लौकी भी 35 से 45 रुपये प्रति किलो के भाव मिल रही है। आपूर्ति की कमी के कारण सब्जियों की कीमतें दोगुनी से भी अधिक हो गई हैं।