Waterlogging in dehradun दून में झमाझम मूसलाधार वर्षा ने सिस्टम के दावों की फिर पोल खोल दी। वर्षा के दौरान शहर के हालात और बदतर हो गए।
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अनुष्का ढौंडियाल
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Image: waterlogging after rain in dehradun
देहरादून: बीते वर्षों में जनपद देहरादून का जिक्र जब भी आया है तो स्मार्ट सिटी का जिक्र खुद ब खुद आया है। वर्षों पहले यह बड़े-बड़े दावे किए गए थे कि देहरादून को स्मार्ट सिटी में तब्दील किया जाएगा
Waterlogging after rain in dehradun
यहां पर जन सुविधाओं के लिए तमाम प्रयास किए जाएंगे और स्मार्ट सिटी के तहत देहरादून में कई करोड़ रुपए अब तक लग चुके हैं मगर देहरादून की असलियत मानसून की झमाझम बरसात में साफ दिख गई है। दून में झमाझम मूसलाधार वर्षा ने सिस्टम के दावों की फिर पोल खोल दी। वर्षा के दौरान शहर के हालात और बदतर हो गए। यह कहा जा रहा था कि देहरादून में ड्रेनेज व्यवस्था को स्मार्ट सिटी के तहत सुधार दिया गया है और पानी की निकासी के लिए तमाम सुविधाएं कर दी गई हैं। ऐसे में देहरादून वाले आश्वासित थे कि इस साल तो बरसात हो उनको सड़कों पर जगह-जगह पानी भरता नहीं दिखाई देगा। मगर देहरादून निवासियों की उम्मीद एक बार फिर से टूट गई है और देहरादून की सड़कें जलमग्न हो गई हैं। पूरा शहर बरसात में डूब गया है। जहां देखो वहां तक बस पानी ही पानी भरा हुआ नजर आ रहा है। चौक-चौराहे तालाब में तब्दील नजर आए तो सड़कों पर नदियां बहती रहीं। नगर निगम की अधूरी तैयारियों के कारण ज्यादातर नालियां चोक हो गईं। स्मार्ट सिटी के अधूरे कार्यों के कारण भी शहर की सूरत बिगड़ गई।
कई क्षेत्रों में यातायात प्रभावित रहा और जलभराव के कारण लोग घरों व दुकानों से बाहर तक नहीं निकल पाए। मंगलवार रात से शुरू हुई मूसलाधार वर्षा बुधवार दोपहर बाद तक जारी रही। इस दौरान शहर की प्रमुख सड़कों से लेकर गली-मोहल्लों में लबालब पानी भर गया, जिसमें निगम के दावे तैरते नजर आए।जल निकासी की कोई व्यवस्था न होने के कारण पूरा शहर जलमग्न नजर आया। रिस्पना पुल पर तो वाहन बहने की स्थिति बन गई। प्रिंस चौक, तहसील चौक, दर्शनलाल चौक, एश्लेहाल चौक, बहल चौक, लैंसडौन चौक, बुद्धा चौक सुभाष रोड, आराघर, कांवली रोड समेत शहर के प्रमुख मार्गों पर भी भारी जलभराव हो गया। स्मार्ट सिटी के तहत जगह-जगह सड़क किनारे खोदकर छोड़ दिया गया है और सड़क किनारे निर्माण सामग्री के ढेर लगे हैं। जिससे वर्षा के पानी के साथ मलबा नालियों में जाकर उन्हें चोक कर रहा है। कुल मिलाकर देहरादून स्मार्ट सिटी के जितने भी सपने लोगों को दिखाए गए थे वह अब अधूरे साबित हो रहे हैं और Waterlogging in dehradun से लोगों की उम्मीदों पर पानी फिरता हुआ दिखाई दे रहा है।