उत्तराखंड: रातभर जगे रहने को मजबूर हुए आपदाग्रस्त गांवों के 683 परिवार, कौन लेगा सुध?

मानसून आता है तो आपदाग्रस्त गांवों में रहने वाले लोगों की नींद उड़ जाती है। बिजली कड़कते ही दिल डर से बैठने लगता है।
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Uttarakhand disaster hit village: 683 people affected in Bageshwar disaster affected villages
Image: 683 people affected in Bageshwar disaster affected villages

बागेश्वर: बारिश की रिमझिम फुहारें भले ही कवियों-लेखकों का पसंदीदा विषय रही हों, लेकिन उत्तराखंड के पहाड़ी इलाकों के लिए ये किसी आफत से कम नहीं।

Bageshwar People affected in disaster affected villages

मानसून आता है तो आपदाग्रस्त गांवों में रहने वाले लोगों की नींद उड़ जाती है। लोग बच्चों और अपनी जान की सुरक्षा के लिए रात-रातभर सो नहीं पाते। बिजली चमकती है तो दिल डर से बैठने लगता है। बागेश्वर के 25 गांवों के लोग इन दिनों ऐसे ही अनुभव से गुजर रहे हैं। ये सभी गांव आपदाग्रस्त गांव है, जहां 683 परिवार रहते हैं। प्रशासन ने इन परिवारों की लिस्ट तो तैयार कर ली, लेकिन पुनर्वास संबंधी कदम अब तक नहीं उठाए। 25 गांवों में रहने वाले छह परिवारों को अधिक संवेदनशील श्रेणी में रखा गया है, जबकि 225 परिवार संवेदनशील श्रेणी में हैं।

126 परिवार अत्यधिक संवेदनशील श्रेणी में रखे गए हैं। इन सभी परिवारों में से सिर्फ चार परिवार ऐसे हैं, जिनके लिए चयनित भूमि का भूगर्भीय सर्वेक्षण हुआ। इस तरह हर बार की तरह इस बार भी सभी परिवारों की सुरक्षा भगवान भरोसे है। आपदा ने ग्रामीणों को डर के साए में जीने को मजबूर कर दिया है, तो वहीं प्रशासन प्रभावितों का जल्द पुनर्वास करने की बात कह रहा है। डीएम अनुराधा पाल ने कहा कि शासन को पुनर्वास के लिए पत्र भेजा है। भूमि चयन को लेकर प्रशासन संवेदनशील है। हालांकि आपदा प्रभावित गांवों का आंशिक भाग ही भूस्खलन से प्रभावित हैं। चलिए अब आपको जिले के आपदाग्रस्त गांवों के नाम भी बताते हैं, जहां के ग्रामीण सालों से पुनर्वास की बाट जोह रहे हैं ताकि वो भी एक दिन चैन की नींद सो सकें। बागेश्वर के आपदाग्रस्त गांवों में कपकोट तहसील का दोबाड़, बड़ेत, कुंवारी, लीती, बघर, कर्मी, सीरी, नौकोड़ी, गैरखेत, बमसेरा, बाछम, किलपारा, तोली, लामाघर, गुंठी, कालापैर कापड़ी, पोथिंग, स्यूणीदलाणी, मल्लादेश, फुलई, बदियाकोट तोक गरकुटी, कांडा तहसील के सेरी, गरुड़ के तल्लापय्या जैसे गांव आते हैं।