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90% ट्रेकर्स नहीं जानते केदार हिमालय के ये सीक्रेट रूट्स
प्रकृति से जुड़ने और आत्मिक शांति पाने का अवसर। केदार हिमालय की वो यात्राएं जो ज़िंदगी भर याद रहती हैं।
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देहरादून: उत्तराखंड में भारी बारिश के बाद पहाड़ से लेकर मैदान तक हालात खराब हैं। नदियां-नाले उफनाए हुए हैं। नीचले इलाकों में लोग जलभराव से जूझ रहे हैं। कई कॉलोनियां पानी में डूब गई हैं।
हर जिले से नुकसान की खबरें हैं। इस बीच मौसम विभाग ने 15 जुलाई तक भारी बारिश का रेड अलर्ट जारी किया है। लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है। बारिश से जारी आफत के बीच मंगलवार को आपदा सचिव रंजीत कुमार सिन्हा ने कंट्रोल रूम में प्रदेश के हालातों पर ब्रीफिंग की। रंजीत सिन्हा ने बताया कि आगामी 15 जुलाई तक के लिए रेड अलर्ट जारी किया गया है। पिछले 4 दिन से लगातार हो रही बारिश के बाद अब आगामी कुछ दिन बेहद चुनौती भरे हो सकते हैं। उन्होंने बताया कि उनके द्वारा सभी जिलों के जिलाधिकारियों से बातचीत की गई है। जहां सड़कें बंद हैं, वहां लोगों को वैकल्पिक मार्गों से भेजा जा रहा है। अगर किसी को इमरजेंसी है, तो उसे प्रशिक्षित लोगों की निगरानी में भेजा जा रहा है।
धारचूला में रेस्क्यू फोर्स तैनात की गई है। उत्तराखंड आपातकालीन परिचालन केंद्र की ओर से जारी किए गए निर्देश में सभी जिलों को अलर्ट रहने के निर्देश दिए गए हैं। अधिकारियों से कहा गया है कि वो किसी भी आपदा या दुर्घटना की स्थिति में तत्काल कार्रवाई करते हुए सूचना का तत्काल आदान-प्रदान सुनिश्चित करें। सभी जिलों में तत्परता और सुरक्षा बनाए रखते हुए आवागमन में नियंत्रण बनाए रखें। आपदा प्रबंधन आईआरएस प्रणाली के नामित समस्त अधिकारी और विभागीय नोडल अधिकारी हाई अलर्ट पर रहेंगे। मोटर मार्ग के बंद होने की दशा में उसे तत्काल खुलवाना सुनिश्चित किया जाए। लोगों के फंसे होने की स्थिति में खाद्य सामग्री व मेडिकल की व्यवस्था की जाए। भारी बारिश व असामान्य मौसम होने पर पर्यटकों को हिमालयी क्षेत्रों में आवाजाही की अनुमति न दी जाए। अधिकारियों-कर्मचारियों से कहा गया है कि वो किसी भी स्थिति में अपने मोबाइल फोन स्विच ऑफ न रखें। मौसम की तमाम जानकारी के लिए Uttarakhand Weather Update पढ़ते रहें।