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हजारों वर्षों से जलती अखंड ज्योति के सामने सात फेरे - आस्था, परंपरा और प्रकृति का अनोखा संगम
पहाड़, मंत्र और देवभूमि का आशीर्वाद.. त्रियुगीनारायण में शादी सिर्फ एक समारोह नहीं, आध्यात्मिक अनुभव है।
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टिहरी गढ़वाल: उत्तराखंड में आफत की बरसात जारी है।बारिश से नदी नाले उफान पर बह रहे है। लगातार भूस्खलन हो रहे हैं, पहाड़ दरक रहे हैं।
कई लोग बेघर हो गए हैं जिन्हें अस्थायी राहत शिविरों में रात गुजारनी पड़ रही है। टिहरी में भी कुछ ऐसा ही देखने को मिल रहा है। यहां बरसात के चलते 6 परिवार उजड़ गए हैं और उनको स्कूल में शिफ्ट किया गया है। गौर हो कि तेज बारिश के चलते प्रतापनगर विधानसभा के अंतर्गत भेलुन्ता-हलेत- देवल मोटर मार्ग छेरदानू के समीप सड़क धंसने से छह परिवार खतरे की जद में आ गए हैं। जिसके चलते निकटवर्ती गांव के 6 परिवारों के 30 लोगों को खतरे को देखते हुए स्कूल में शिफ्ट किया गया है। बताया जा रहा है कि वह घर कभी भी टूट सकते हैं।
ग्राम प्रधान दिनेश जोशी ने कहा कि लंबे समय से गांव में पहाड़ दरक रहा है और हर साल मानसून में लोगों को इस तरह की समस्याएं आती हैं। उन्होंने पीएमजीएसवाई को इस सड़क की दशा के बारे में कई बार बता दिया गया था। लेकिन पीएमजीएसवाई के अधिकारियों ने उनकी समस्या को गंभीरता से नहीं लिया, जिसका खामियाजा आज गांव के ग्रामीणों को भुगतना पड़ रहा है।।तेज बारिश के चलते सड़क धंस गई, जिससे 6 परिवारों के मकान खतरे की जद में आ गए हैं। बता दें कि मौसम विभाग ने 15 जुलाई तक भारी बारिश का रेड अलर्ट जारी किया है। ऐसे में हमारी आप से अपील है कि सावधानी बरतें और बरसात में पहाड़ों का यात्रा करने से बचें।