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ये ट्रेक्स गूगल मैप पर भी नहीं मिलेंगे! केदार हिमालय के छुपे हुए रास्ते
प्रकृति से जुड़ने और आत्मिक शांति पाने का अवसर। केदार हिमालय की वो यात्राएं जो ज़िंदगी भर याद रहती हैं।
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पिथौरागढ़: पिथौरागढ़ की जनता हवाई सेवा शुरू होने का इंतजार कर रही है, और ये इंतजार जल्द ही खत्म होने वाला है।
सीमांत जिले पिथौरागढ़ से देहरादून के बीच इसी महीने से हवाई सेवा शुरू हो सकती है। फ्लाईबिग एयरलाइंस का विमान पहले ही दिल्ली से जौलीग्रांट पहुंच गया है। फिलहाल विमानन कंपनी दूसरी औपचारिकताएं पूरी करने में जुटी है। डीजीसीए की अनुमति मिलने के बाद 25 जुलाई से यह उड़ान शुरू हो सकती है। फ्लाईबिग देहरादून-पिथौरागढ़ के बीच हवाई सेवा शुरू करने जा रही है। कंपनी ने एयरपोर्ट पर सेटअप भी बना लिया है। डीजीसीए की टीम एक बार दौरा कर कंपनी के सेटअप का जायजा ले चुकी है। अब इंजीनियरिंग ऑडिट के लिए जल्द ही दोबारा टीम एयरपोर्ट आ सकती है। उम्मीद की जा रही है कि दस दिन में सभी विमान की जांच, इंजीनियरिंग सेटअप और जरूरी दस्तावेजों की जांच आदि सभी औपचारिकताएं पूरी कर फ्लाइट शुरू कर दी जाएगी।
एयरपोर्ट डायरेक्टर प्रभाकर मिश्रा ने बताया कि डीजीसीए की अनुमति मिलते ही फ्लाइट शुरू कर दी जाएगी। फ्लाईबिग पहली बार देहरादून एयरपोर्ट से अपनी उड़ान शुरू करने जा रही है। कंपनी का 17 सीटर विमान 30 जून को ही एयरपोर्ट पहुंच चुका है। यह फ्लाइट देहरादून-पिथौरागढ़-पंतनगर के बीच संचालित होगी। डीजीसीए की अनुमति मिलते ही टिकट बुकिंग का काम शुरू हो जाएगा। इस हवाई सेवा के शुरू होने से गढ़वाल और कुमाऊं क्षेत्र के बीच कनेक्टिविटी बेहतर होगी। देहरादून-पिथौरागढ़ के बीच एक घंटे में हवाई सफर को पूरा किया जा सकेगा। इस विमान का बेस जौलीग्रांट में ही रहेगा। यानि देहरादून-पिथौरागढ़ के बीच उड़ान भरने के बाद इस विमान को जौलीग्रांट में ही पार्क किया जाएगा। वर्तमान में जौलीग्रांट से तीन कंपनी इंडिगो, विस्तारा, एलाइंस एयर की उड़ान संचालित हो रही हैं। फ्लाईबिग चौथी विमानन कपंनी होगी जो जौलीग्रांट एयरपोर्ट पर अपनी उड़ान संचालित करेगी।