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नैनीताल: रानीबाग-नैनीताल रोपवे परियोजना के काम को रफ्तार मिलने की उम्मीद जगी है। हाईकोर्ट से जनहित याचिका के निस्तारित होने के बाद अब इस रोपवे परियोजना की फाइल आगे बढ़ रही है।
रानीबाग-नैनीताल रोपवे परियोजना को सीएम पुष्कर सिंह धामी अपना ड्रीम प्रोजेक्ट बता चुके हैं। इसे नैनीताल में पर्यटन सीजन में जाम की समस्या का समाधान माना जा रहा है। डीएम वंदना ने कार्यदायी संस्थाओं के साथ बैठक के बाद 2027 से आवाजाही शुरू होने का दावा किया है। इससे पहले मुख्य सचिव एसएस संधू नैनीताल दौरे के दौरान तीन साल के भीतर इस प्रोजेक्ट का क्रियान्यवन पूरा होने का दावा कर चुके हैं। प्रोजेक्ट को लेकर डीएम ने संबंधित कार्यदायी संस्थाओं संग बैठक की। जिसमें प्रोजेक्ट की डीपीआर तैयार करने के लिए समयबद्ध रूप से काम करने के निर्देश दिए गए। आपको प्रोजेक्ट की खूबियां भी बताते हैं। हाल में प्रोजेक्ट को लेकर नए सिरे से प्री फीजिबिलिटी सर्वे किया गया है। इस सर्वे के अनुसार प्रस्तावित रोपवे की लंबाई 11.45 किमी होगी और रानीबाग, ज्योलीकोट व हनुमानगढ़ी में तीन स्टेशन स्थापित किए जाएंगे।
डीपीआर तैयार करने का टेंडर भी कर दिया गया है। प्रोजेक्ट की लागत करीब एक हजार करोड़ रुपये के आसपास है। नैनीताल-रानीबाग रोपवे प्रोजेक्ट बनने से 2023-2033 में इस मार्ग पर चार प्रतिशत यात्री बढ़ेंगे। पर्यटक बगैर किसी जाम के रानीबाग से नैनीताल का सफर 60 मिनट में पूरा कर सकेंगे। कार्यदायी संस्था की ओर से 2019 में करीब साढ़े नौ लाख पर्यटकों के इस मार्ग से आने के आधार पर यह आकलन किया गया है। 2027 में रोपवे से सालभर में 33 लाख, 2030 में 39 लाख, 2045 में 60 लाख से अधिक यात्रियों के परिवहन का अनुमान है। डीएम वंदना सिंह ने बताया कि प्रोजेक्ट की समीक्षा बैठक में तीन स्टेशन बनाने के लिए भूमि हस्तांतरण, टावर, बिजली पोल हटाने के संबंध में समन्वय बनाते हुए समयबद्ध तरीके से काम करने पर चर्चा की गई। अधिकारियों को समयबद्ध रूप से काम करने के निर्देश दिए गए हैं।