टमाटर के बाद अब तड़का लगाना पड़ेगा महंगा, 'जीरा-अजवाइन-सौंफ महंगे; 150 रुपये प्रति किलो तक बढ़े दाम-
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अनुष्का ढौंडियाल
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ऋषियों का मार्ग: केदार हिमालय के इन ट्रेक्स पर शोर नहीं, सिर्फ मंत्र सुनाई देते हैं
प्रकृति से जुड़ने और आत्मिक शांति पाने का अवसर। केदार हिमालय की वो यात्राएं जो ज़िंदगी भर याद रहती हैं।
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Image: Spices prices increased in Uttarakhand
हल्द्वानी: अब तक तो सब्जी में टमाटर नहीं डल रहा था और टमाटर के दाम लोगों को बड़ा रुला रहे थे मगर अब सब्जी में तड़का लगाना भी लोगों को रुलाएगा।
Spices prices increased in Uttarakhand
जी हां, टमाटर और दालों के दाम बढ़ने के बाद अब मसालों के भी दाम बढ़ गए हैं। इसकी कीमतों में अप्रत्याशित वृद्धि से रसोई का बजट गड़बड़ाने लगा है। सबसे व्यापक रूप से इस्तेमाल किया जाने वाला जीरा रसोई में सबसे महंगी सामग्रियों में से एक बन गया है। इस महंगाई से गृहिणियों की रसोई का बजट बिगड़ रहा है। अजवाइन व सौंफ के दाम भी खूब बढ़ रहे हैं। हल्द्वानी में जीरा पहले 550-600 के बीच मिलता था, अब 700-750 रुपये किलो बिक रहा है। अजवाइन पहले 250 से 300 रुपये किलो मिलता था, अब 300-400 का मिल रहा है। लौंग पहले 1000 रुपये किलो मिलता था, अब 1200 रुपये किलो मिल रहा है. लाल मिर्च पहले 200-250 किलो मिल रही थी, अब 275-290 में मिल रही है. इसी तरह बड़ी इलायची 900, राई 220, सौंफ 360, काली मिर्च 750 रुपये किलो मिल रही है. आगे पढ़िए
Masala rate in uttarakhand
बेमौसम बारिश ने लोगों का बजट हिला दिया है। इस बार जीरे का उत्पादन कम हुआ है। इस कारण यह काजू-बादाम से भी महंगा बिक रहा है। पिछले एक हफ्ते में इसकी कीमत बढ़कर 700 से 900 रुपये प्रति किलोग्राम पर पहुंच गई है।बेमौसम बारिश और बिपरजाय तूफान से मसालों व खड़ी फसल को नुकसान पहुंचा है। इस कारण जीरा, अजवाईन, सौंफ समेत कई मसाले महंगे हो गए हैं। कुल मिला कर इस साल हुई बिन मौसम की बरसात में किसानी पर काफी अधिक प्रभाव डाला है जिससे कई फसलें खराब हो गई हैं और यही वजह है कि इस बार सभी का बजट पूरी तरह से हिला हुआ है।