Dehradun property registry forgery जालसाजी की शिकायत पर सीएम ने संबंधित दफ्तरों में छापा मारा। इस दौरान सब रजिस्ट्रार ऑफिस, देहरादून और अभिलेखागार में गड़बड़ियां पाई गईं।
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कोमल नेगी
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Image: Forgery of property registry in Dehradun
देहरादून: मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने जमीनों के रिकॉर्ड में जालसाजी और गड़बड़ी की शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए मामले में विस्तृत जांच के आदेश दिए हैं।
Forgery of property registry in Dehradun
मामले की जांच के लिए एक एसआईटी का गठन किया जाएगा, जिसमें तीन सदस्य होंगे। टीम में एक सीनियर आईएएस अफसर, एक आईपीएस अफसर और निबंधन विभाग के वरिष्ठ अधिकारी को शामिल किया जाएगा। मुख्यमंत्री ने भू-रिकॉर्ड की सुरक्षा के लिए तत्काल कड़े प्रबंध करने के भी निर्देश दिए हैं। दरअसल देहरादून में जमीनों के रिकॉर्ड में गड़बड़ी की शिकायत सामने आई थी। यहां विक्रय पत्रों के जिल्द, जिसमें पुराने विक्रय पत्रों की प्रतियां सुरक्षित रखी जाती हैं, में छेड़छाड़ कर भूमि का फर्जीवाड़ा किए जाने का खुलासा हुआ था। मामले की गंभीरता को देखते हुए शनिवार को सीएम पुष्कर सिंह धामी ने संबंधित दफ्तरों में छापा मारा था। इस दौरान सब रजिस्ट्रार ऑफिस, देहरादून और अभिलेखागार में गड़बड़ियां पाई गईं। आगे पढ़िए
Fake property registry Dehradun
यहां रिकॉर्ड रूम में कई सालों के अहम रिकार्ड के रखरखाव, नष्ट होने से बचाव के उपाय मानकों के अनुरूप नहीं थे। रिकॉर्ड रूम में प्रवेश और नकल प्राप्त करने की प्रक्रिया में गंभीर लापरवाही पाई गई। छापेमारी के दौरान सीएम ने घपलेबाजों के खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए। रविवार को सीएम ने रिकॉर्ड में की गई जालसाजी की जांच के लिए तीन सदस्यीय एसआईटी बनाने के निर्देश दिए। साथ ही उन्होंने कहा कि देहरादून में पकड़े गए विक्रय विलेखों के फर्जीवाड़े से जुड़े रिकॉर्ड की सुरक्षा के लिए तत्काल कड़े प्रबंध किए जाएं। मुख्यमंत्री ने सभी अभिलेखागारों में रिकॉर्ड के रखरखाव के साथ रिकॉर्ड रूम में प्रवेश को पूरी तरह नियंत्रित करने की मानक प्रक्रिया निर्धारित करने के निर्देश दिए। रिकॉर्ड रूम में अनावश्यक प्रवेश को तत्काल प्रतिबंधित करते हुए प्रभावी कार्रवाई के निर्देश भी दिए गए हैं।