गढ़वाल की स्वाति ने MMA फाइटिंग में भरी हुंकार, पहले मुकाबले में विरोधी चारों खाने चित

स्वाति Swati Badwal के दादा-चाचा ने कहा कि अगर तुम्हारे चेहरे पर चोट लग जाए तो क्या होगा, ये भी कहा कि कोई तुमसे शादी नहीं करेगा, लेकिन स्वाति पीछे नहीं हटीं।
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Swati Badwal garhwal: Chamoli Girl Swati Badwal Won Her First MMA Match
Image: Chamoli Girl Swati Badwal Won Her First MMA Match

चमोली: मिक्स्ड मार्शल आर्ट्स (MMA)....एक ऐसा क्षेत्र जिसमें हमेशा से पुरुषों का दबदबा रहा है। ये बात और है कि अब रितु फोगाट, पूजा तोमर जैसी महिला एमएमए फाइटर्स इस क्षेत्र में नई पहचान बनाकर दूसरी बेटियों को भी रिंग में उतरने का साहस दे रही हैं।

Swati Badwal Won Her First MMA Match

उत्तराखंड के चमोली की रहने वाली स्वाति बडवाल इनमें से एक हैं। हाल में तालकटोरा स्टेडियम दिल्ली हुए Amateur Contender Series में स्वाति ने शानदार प्रदर्शन किया। अपने करियर के पहले ही मैच में स्वाति ने जम्मू-कश्मीर की शाह तल्हा को हराकर मैच में जीत दर्ज कराई। स्वाति बडवाल गोपेश्वर की रहने वाली हैं। वो पिछले एक साल से देहरादून की एमएमए म्यूटेंट अकादमी में ट्रेनिंग ले रही हैं। उनके मुख्य कोच अंगद बिष्ट हैं, जो कि खुद भी स्टार एमएमए फाइटर हैं। पहाड़ के एक छोटे से शहर की रहने वाली स्वाति की इस क्षेत्र में कैसे रुचि जाग्रत हुई, इसके पीछे एक लंबी कहानी है। 20 साल की स्वाति सोशल मीडिया पर एमएमए फाइटर अंगद बिष्ट को फॉलो किया करती थीं। उन्हें इस क्षेत्र में करियर बनाने का ख्याल आया, तब स्वाति देहरादून पहुंचकर अंगद से ट्रेनिंग लेने लगीं, लेकिन शुरुआत में ही पूरा परिवार उनके खिलाफ हो गया। आगे पढ़िए

Swati badwal life story

परिवार का कोई सदस्य नहीं चाहता था कि वो एमएमए में हिस्सा लें। स्वाति बताती हैं कि जब उनके दादा और चाचा को यह पता चला कि एमएमए में किक और पंच मारना शामिल है तो वो डर गए। उन्होंने कहा कि अगर तुम्हारे चेहरे पर चोट लग जाए तो क्या होगा, ये भी कहा कि कोई भी तुमसे शादी नहीं करेगा। साल 2020 में स्वाति के पिता की कोविड के कारण मौत हो गई थी और मां चाहती थीं कि वो कॉलेज पूरा कर के नौकरी करे। इस तरह स्वाति के सामने कई चुनौतियां थीं, लेकिन एक दिन स्वाति ने अपनी मां को खेल के बारे में समझाया। उन्हें अपने साथ ट्रेनिंग सेंटर लेकर आईं। खैर देर से ही सही उनकी मां मान गईं। वर्तमान में स्वाति बीकॉम की पढ़ाई कर रही हैं। उनके 11 और 14 साल के दो भाई हैं। दोनों ही अपनी दीदी से खूब प्यार करते हैं और उसके फैसले का सम्मान करते हैं। बीते दिन दिल्ली के तालकटोरा स्टेडियम में स्वाति ने अपने करियर की पहली जीत दर्ज कराई। एक उज्जवल भविष्य उनका इंतजार कर रहा है, हमें पूरा यकीन है कि स्वाति अपने दमदार पंच से हर चुनौती को जीत में बदल देंगी।