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Hidden Gem Treks of Kedar Himalaya You Must Explore Once in Life
Peaceful and untouched trekking routes away from the crowds. Hidden trails where nature still remains raw and pure.
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खटीमा: खटीमा में कुमाऊं एसटीएफ और वन विभाग ने बड़ी कार्रवाई करते हुए 4 वन्य जीव तस्करों को धर दबोचा।
इनके पास से 11 फीट लंबी बाघ की खाल बरामद हुई, जो कि उत्तराखंड में अब तक बरामद की गई सबसे बड़ी बाघ की खाल है। फिलहाल अधिकारी तस्करों से पूछताछ कर रहे हैं। आरोपी खाल कहां से लेकर आए और इसे कहां बेचने जा रहे थे, इसे लेकर जानकारी जुटाई जा रही है। एसएसपी एसटीएफ आयुष अग्रवाल ने बताया कि सूचना मिली कि बोलेरो में सवार वन्यजीव तस्कर खटीमा की ओर आ रहे हैं। सूचना मिलते ही एसटीएफ और वन विभाग की टीम ने चेकिंग अभियान शुरू कर दिया। इस दौरान एक बोलेरो को रुकने का इशारा किया गया तो ड्राइवर ने वाहन वापस मोड़ लिया। तब टीम ने घेराबंदी कर वाहन को खटीमा टोल प्लाजा के पास रोक लिया।
तलाशी लेने पर वाहन से एक बाघ की खाल और 15 किलोग्राम बाघ की हड्डी बरामद हुई। इस मामले में कृष्ण कुमार निवासी धारचूला, गजेंद्र सिंह निवासी धारचूला, संजय कुमार और हरीश कुमार समेत चार लोगों की गिरफ्तारी हुई है। पूछताछ में चारों तस्करों ने बताया कि वह बाघ की खाल व हड्डी को काशीपुर निवासी एक व्यक्ति से लेकर लाए थे और उसे बेचने के लिए खटीमा ले जा रहे थे। पुलिस ने बताया कि बरामद बाघ की खाल अब तक की सबसे बड़ी बाघ की खाल है। जिसकी लंबाई 11 फिट है। इतने बड़े बाघ का शिकार कहां किया गया है, इसकी जानकारी एसटीएफ जुटा रही है। लंबे समय से वन्यजीव अंगों की तस्करी में लिप्त चारों बदमाशों के खिलाफ वन्यजीव अधिनियम और वाइल्ड लाइफ एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है। बता दें कि भारत-नेपाल सीमा से सटे खटीमा रेंज में आठ साल में बाघ और तेंदुए की खाल और हड्डियां पकड़े जाने के नौ मामले सामने आए हैं। पकड़े गए वन्यजीव तस्करों (Khatima Smuggler arrested) का नेटवर्क उत्तराखंड से दिल्ली तक फैला था।