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चमोली: पिथौरागढ़ से चमोली के बीच 30 किमी लंबी टनल परियोजना का काम आगे बढ़ने की उम्मीद जगने लगी है।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने यह मुद्दा केंद्रीय सड़क परिवहन मंत्री नितिन गडकरी के सामने रखा। उन्होंने केंद्रीय मंत्री से इस परियोजना को मंजूरी देने की मांग की। मुलाकात के दौरान मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी के सामने योजना का खाका पेश किया। उन्होंने कहा कि अगर पिथौरागढ़ से चमोली के बीच 30 किमी लंबी टनल बन जाती है, तो लोगों को बहुत फायदा होगा। मिलम से लप्थल तक 30 किमी लंबी टनल बनने के बाद पिथौरागढ़ की जोहार घाटी चमोली के लप्थल क्षेत्र से जुड़ जाएगी। राज्य में टनल के जरिए सड़क नेटवर्क को मजबूत किया जा सकता है। आगे पढ़िए
मुलाकात के दौरान मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने पिथौरागढ़ के जौलिंगकांग व्यास घाटी से बेदांग के बीच पांच किमी लंबी टनल का निर्माण करने के साथ ही बेदांग से गो व सिपु तक 20 किमी लंबी सड़क बनाने का भी अनुरोध किया। इससे जौलिंगकांग व बेदांग की दूरी 161 किमी कम हो जाएगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि अगर सिपु से तोला के बीच लगभग 22 किमी लंबी टनल बन जाए तो दारमा वैली तथा जोहार वैली आपस में जुड़ जाएंगी। इन तीन टनल परियोजनाओं व 20 किमी सड़क बन जाने से जौलिंगकांग से लप्थल की दूरी लगभग 42 किमी रह जाएगी, जो कि अभी 490 किमी है। सोमवार को मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी से Chamoli Pithoragarh Tunnel Project को लेकर मुलाकात की। बैठक के दौरान कैबिनेट मंत्री सतपाल महाराज और सचिव लोनिवि डॉ. पंकज पांडेय भी मौजूद रहे।