Advertisement
ऋषियों का मार्ग: केदार हिमालय के इन ट्रेक्स पर शोर नहीं, सिर्फ मंत्र सुनाई देते हैं
प्रकृति से जुड़ने और आत्मिक शांति पाने का अवसर। केदार हिमालय की वो यात्राएं जो ज़िंदगी भर याद रहती हैं।
Example Ads Media
हरिद्वार: उत्तराखंड में पहाड़ों में हो रही भारी बारिश से नदियों का जलस्तर बढ़ा हुआ है। गंगा और उसकी सहायक नदियां उफान पर हैं, जिससे निचले इलाकों में बाढ़ का खतरा पैदा हो गया है।
नदी किनारे बसी बस्तियों में रहने वाले लोग डरे हुए हैं। हरिद्वार में बाढ़ की आशंका को देखते हुए प्रशासन अलर्ट मोड पर है। शनिवार को शाम 5 बजे यहां गंगा का जलस्तर चेतावनी निशान के करीब 292.90 मीटर दर्ज किया गया। रात के 8 बजे तक गंगा चेतावनी निशान से 10 सेंटीमीटर नीचे बह रही थी। गंगा का जलस्तर बढ़ने से न सिर्फ उत्तराखंड बल्कि यूपी के कई इलाकों में भी बाढ़ का खतरा पैदा हो सकता है। शनिवार को भीमगोड़ा बैराज पर गंगा का जलस्तर बढ़ा रहा। आगे पढ़िए
इसे देखते हुए डीएम धीराज सिंह गर्ब्याल ने बाढ़ चौकियों को अलर्ट रहने के निर्देश दिए। साथ ही गंगा किनारे रहने वाले लोगों से सुरक्षित जगहों पर जाने का आग्रह किया गया। गंगा तटों पर निगरानी बढ़ा दी गई है। संबंधित अधिकारियों को भी अलर्ट रहने के निर्देश दिए गए हैं। गंगा के जलस्तर पर नजर रखी जा रही है। तटीय इलाकों में बसे गांवों में अलर्ट घोषित है। बैराज पर तैनात यूपी सिंचाई विभाग के जेई हरीश कुमार ने बताया कि शनिवार शाम पांच बजे गंगा का जलस्तर चेतावनी निशान के करीब पहुंच गया था। शाम पांच बजे गंगा का जलस्तर 292.90 मीटर रहा। बता दें कि गंगा का चेतावनी निशान 293 मीटर और खतरे का निशान 294 मीटर है। हाल के दिनों में गंगा का जलस्तर पांच बार चेतावनी निशान को पार कर चुका है, जिससे तटीय इलाकों में रहने वाले लोग डरे हुए हैं।