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जहां आज भी सिर्फ चरवाहे जाते हैं – केदार हिमालय के अनदेखे ट्रेक्स
प्रकृति, शांति और हिमालय – केदार के गुप्त ट्रेक्स.. यहां कदम रखते ही बदल जाती है सांस और सोच – Hidden Kedar Trails
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खटीमा: उत्तराखंड की बेटियां लगातार सफलता के नए आयाम गढ़ रही हैं। अब एक और बेटी ने बड़ी कामयाबी हासिल की है।
हम बात कर रहे हैं खटीमा की रहने वाली मानसी रौतेला की। मानसी का ISRO में जाने का सपना पूरा हुआ है। खटीमा के अमाऊ की निवासी मानसी रौतेला का चयन इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ रिमोट सेंसिंग इसरो अंतरिक्ष विभाग में एमटैक रिमोट सेंसिंग के लिए हुआ है। पढ़ाई में अनुशासन मानसी को घर से ही मिला। उनके पिता नरेंद्र सिंह रौतेला थारू राजकीय इंटर कॉलेज खटीमा में कार्यरत हैं।
नरेंद्र सिंह रौतेला को इससे पहले शैलेश मटियानी पुरस्कार भी मिल चुका है। मानसी की माता पूनम रौतेला भी अध्यापिका हैं। इसरो में रिमोट सेंसिग कोर्स में एमटेक में चयन से पहले मानसी ने बीएससी जियोलॉजी और एमएससी रिमोट सेंसिंग एंड जीआईएस से किया है। मानसी रौतेला इसरो में अपनी पढ़ाई अर्बन प्लानिंग में करेंगी। आपको जानकर हर्ष होगा कि पूरे भारत में 6 विद्यार्थियों को चुना गया है। मानसी का परिवार मूल रूप से अल्मोड़ा का रहने वाला है। उनके दादा पूरन सिंह रौतेला भारतीय सेना में सूबेदार मेजर रह चुके हैं। राज्य समीक्षा की ओर से मानसी रौतेला (Mansi Rautela ISRO) को हार्दिक शुभकामनाएं.