उत्तराखंड में कभी भी आ सकता है 8 रिक्टर स्केल का भूकंप, वैज्ञानिक की रिसर्च ने दिया रेड सिग्नल

Uttarakhand Earthquake Scientific Research उत्तराखंड आपदा के लिहाज से संवेदनशील है, ऐसे में यहां पर आए दिन भूकंप का आना खतरनाक है।
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Uttarakhand Earthquake Scientific Research: Scientific Research about Earthquake in Uttarakhand
Image: Scientific Research about Earthquake in Uttarakhand

देहरादून: उत्तराखंड में जमीन के अंदर भूकंपीय ऊर्जा पनप रही है। यू मान लीजिए के भूकंप के लिहाज से उत्तराखंड बिल्कुल भी सुरक्षित नहीं है।

Earthquake in Uttarakhand Scientific Research

ये हम नहीं बल्कि वैज्ञानिक के अलग अलग शोध बता रहे हैं। उत्तराखंड आपदा के लिहाज से संवेदनशील है, ऐसे में यहां पर आए दिन भूकंप का आना खतरनाक है। उत्तराखंड भूकंप के जोन 4 और जोन 5 पर आता है जो भूकंप की दृष्टि से बेहद संवेदनशील है। उत्तराखंड में बड़ा भूकंप आने की संभावनाओं से इंकार नहीं किया जा सकता, लेकिन ये कब आएगा इसका कोई सही समय नहीं बता सकता है। वैसे तो समूचा उत्तराखंड ही भूकंप के लिहाज से संवेदनशील है, लेकिन चमोली जिले में खतरा अधिक है। आगे पढ़िए

वाडिया हिमालय भूविज्ञान संस्थान द्वारा किए गए शोध के अनुसार उत्तराखंड के बाकी क्षेत्रों से इतर चमोली जिले की जमीन 10 गुना भूकंपीय ऊर्जा बाहर निकाल रही है। अध्ययन में यह पता चला कि राज्य के अन्य क्षेत्रों में भूकंप से 10 से 12 बार की ऊर्जा बाहर निकली, जबकि चमोली क्षेत्र में यह ऊर्जा 90 से 100 बार तक जा रही है। वरिष्ठ विज्ञानी डा तिवारी के मुताबिक यह बेहद खतरनाक है। ऐसे में भविष्य में अगर यहां कभी भूकंप आया तो भारी तबाही मचेगी। कुल मिला कर उत्तराखंड भूकंप के लिहाज से बेहद असंवेदनशील है। इससे पहले एक शोध ये भी बता चुका है कि उत्तराखंड में 8 रिक्टर स्केल के भूकंप के आने की संभावनाओं से भी इनकार नहीं किया जा सकता। 8 रिक्टर स्केल के भूकंप (Earthquake in Uttarakhand) के आने से तबाही का मंजर क्या होगा? इसका अंदाजा आप खुद लगा सकते हैं।