Advertisement
जहां आज भी सिर्फ चरवाहे जाते हैं – केदार हिमालय के अनदेखे ट्रेक्स
प्रकृति, शांति और हिमालय – केदार के गुप्त ट्रेक्स.. यहां कदम रखते ही बदल जाती है सांस और सोच – Hidden Kedar Trails
Example Ads Media
हल्द्वानी: उसके पिता शायद अब भी नम आंखों से इंतजार कर रहे होंगे, कि उनकी बिटिया कब उनके लिए खाना लेकर आएगी। मगर उनकी बेटी को बर्बरता से पीटा गया, पत्थरों से कुचला गया।
यह मामला भयावह है। हल्द्वानी के राजपुरा गेट के करीब गौला नदी में 12 साल की बालिका से दुष्कर्म की कोशिश की गई। वह काम कर रहे अपने पिता के लिए खाना लेने जा रही थी कि तभी आरोपियों ने उसे धर दबोचा। मगर वह उसका दुष्कर्म करने में नाकाम रहे। नाकाम होने पर दरिंदे ने पत्थर से सिर कुचलकर उसकी हत्या करने का प्रयास किया। उसने पत्थर से बालिका का जबड़ा बुरी तरह तोड़ दिया। सिर पर कई हमले किए जिससे वह अधमरी हो गई और वह उसे मरा समझकर फरार हो गया। इस दौरान बकरी चरा रहे दंपती ने झाड़ियों में बालिका को लहूलुहान पड़े देखा। इस पर युवाओं की मदद से पुलिस को सूचित किया। हादसे के बाद गांव में हड़कंप मच गया और आनन-फानन में लहूलुहान लड़की को अस्पताल भर्ती कराया गया।
दरअसल कोतवाली क्षेत्र में रहने वाला एक व्यक्ति इन दिनों अपने घर के निर्माण में लगा है। बताया जा रहा है कि वह निर्माण कार्य के लिए मंगलवार सुबह गौला नदी से रेता निकालने गया था। उसे लौटने में देरी हुई तो पत्नी ने 12 साल की बेटी को खाना लेकर पिता के पास भेज दिया। घर से दूर पिता के लिए खाना लेकर निकली बालिका वहां पहुंची ही नहीं। जब पिता घर पहुंचा और पत्नी ने बेटी के बारे में पूछा तो उन्होंने कहा कि वह पहुंची नहीं। फिर आनन-फानन में उसके पिता तलाश में निकल पड़ा। पूछताछ की तो पता लगा कि एक लड़की लहूलुहान हालत में झाड़ियों में पड़ी थी जिसे पुलिस सुशीला तिवारी राजकीय चिकित्सालय ले गई है। अस्पताल पहुंचे तो वहां पता चला कि उनकी बेटी के साथ दुष्कर्म करने का प्रयास किया गया है। पत्थर से लड़की के चेहरे पर वार किया गया है जिससे उसका जबड़ा टूट गया है और उसके सिर के पीछे गहरे घाव बन गए हैं। वहीं बालिका की हालत खतरे से बाहर, लेकिन नाजुक बता रहे हैं। पुलिस ने बताया कि नाबालिग लड़की के चेहरे और सिर पर इस कदर वार किए गए थे कि वह सही से बात नहीं कर पा रही है। पुलिस का कहना है कि आरोपियों तक पहुंचने का प्रयास किया जा रहा है।