बागेश्वर उपचुनाव में हावी रहेगा सहानुभूति कार्ड, कौन पड़ेगा किस पर भारी? जानिए समीकरण

Bageshwar by-election equation क्या भाजपा बनाम कांगेस में हावी रहेगा सहानुभूति कार्ड, कांग्रेस-बीजेपी में किसका रहेगा पलड़ा भारी
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Bageshwar by-election equation: Bageshwar by-election equation Sympathy card in lead role
Image: Bageshwar by-election equation Sympathy card in lead role

बागेश्वर: बागेश्वर में होने वाले उपचुनाव को लेकर भारतीय जनता पार्टी और कांग्रेस दोनों ने कमर कस ली है। दोनों पार्टी युद्ध के मैदान में उतर आई हैं।

Bageshwar by-election equation

भाजपा व कांग्रेस के प्रत्याशी घोषित होने के बाद उपचुनाव में दोनों ही दल प्रचार व संपर्क तेज कर दिया है। भाजपा सिंपेथी कार्ड खेल रही है। भाजपा ने प्रत्याशी के निधन के बाद परिवार के सदस्य को मौका दिया है। वहीं कांग्रेस प्रत्याशी भी दो बार हुई हार के बाद इस बार पूरी तैयारी से चुनाव में उतरेगी। भाजपा का संगठन मजबूत है तो कांग्रेस का पलड़ा भी कम भारी नहीं है। ऐसा हम इसलिए कह रहे हैं क्योंकि कांग्रेस ने तीसरे सबसे शक्तिशाली प्रत्याशी को अपना चेहरा चुना है। कांग्रेस ने बसंत कुमार को अपना प्रत्याशी बनाया है जो कि पिछले मतदान में तीसरे नंबर पर रहे थे। आगे पढ़िए

दरअसल अनुसूचित जाति आरक्षित विधानसभा 2022 में हुए चुनाव में भाजपा प्रत्याशी स्व. चंदन राम दास 12,141 मतों के बड़े अंतर से जीते थे। उन्हें 32,211 मत मिले। जबकि कांग्रेस प्रत्याशी रंजीत दास दूसरे स्थान पर रहे। उन्हें 20,070 मत मिले। लेकिन इस बार रंजीत भाजपा में शामिल हो गए हैं। तीसरे नंबर पर आप के बसंत कुमार को 16,109 मत मिले। ऐसे में जहां भाजपा प्रत्याशी पार्वती दास को अपनी तरफ से युद्ध में उतार रही है तो वहीं दो बार चुनाव हारे बसंत कुमार भी इस बार पासा पलट सकते हैं। पांच सितंबर को उनके भाग्य का फैसला मतदान ईवीएम से करेंगे। आठ सिंतबर को मतगणना होगी। कुल मिलाकर Bageshwar by-election equation को देखकर यह कहना मुश्किल होगा कि इस बार भारतीय जनता पार्टी या फिर कांग्रेस दोनों में से किसका पलड़ा भारी होगा, क्योंकि भाजपा कांग्रेस दोनों ही अपनी तरफ से शक्तिशाली प्रत्याशियों को मैदान में उतार रही है।