उत्तराखंड में काशी विश्वनाथ कॉरिडोर की तर्ज पर संवरेगा हर की पैड़ी, जानिए प्रोजक्ट की खास बातें

काशी विश्वनाथ मंदिर और उज्जैन के महाकाल मंदिर की तर्ज पर हरिद्वार की हर की पैड़ी पर भी बनाया जाएगा कॉरिडोर
Advertisement 90% ट्रेकर्स नहीं जानते केदार हिमालय के ये सीक्रेट रूट्स

प्रकृति से जुड़ने और आत्मिक शांति पाने का अवसर। केदार हिमालय की वो यात्राएं जो ज़िंदगी भर याद रहती हैं।

Example Ads Media
Haridwar Har Ki Paidi Corridor: Haridwar Har Ki Paidi will be made like Kashi Vishwanath Corridor
Image: Haridwar Har Ki Paidi will be made like Kashi Vishwanath Corridor

हरिद्वार: काशी विश्वनाथ मंदिर और उज्जैन के महाकाल मंदिर की तर्ज पर हरिद्वार की हर की पैड़ी पर भी कॉरिडोर बनाया जाएगा।

Haridwar Har Ki Paidi will made like Kashi Vishwanath Corridor

हरिद्वार-रुड़की विकास प्राधिकरण की बोर्ड मीटिंग में इस प्रस्ताव के पास होने के बाद अधिकारियों ने इसके लिए कवायद भी शुरू कर दी है। जी हां,उत्तराखंड के हरिद्वार में जल्द ही काशी विश्वनाथ की तर्ज पर 3 हजार करोड़ रुपये की लागत से हर की पैड़ी कॉरिडोर का निर्माण किया जाएगा। इस प्रोजेक्ट में मंदिरों का कायाकल्प किया जाएगा। बता दें कि साल 2027 से पहले इस कॉरिडोर के निर्माण का लक्ष्य रखा गया है। इस कॉरिडोर के निर्माण में हरकी पैड़ी, कनखल, सतीकुंड, संन्यास रोड, भूपतवाला क्षेत्र, भारतमाता मंदिर, मनसा देवी मंदिर, चंडी देवी मंदिर आदि का कायाकल्प किया जाएगा। आगे पढ़िए

इस कॉरिडोर में हरकी पैड़ी और उसके आसपास के क्षेत्र का सौंदर्यीकरण किया जाएगा जिससे पर्यटन में बढ़ोतरी होगी। बता दें कि विश्व प्रसिद्ध हरिद्वार की हर की पैड़ी में दूर-दूर से लोग स्नान करने आते हैं। हर की पैड़ी क्षेत्र को विकसित करने के लिए यहां कॉरिडोर बनने जा रहा है। साल 2027 से पहले हर की पैड़ी कॉरिडोर को बनाने का लक्ष्य रखा गया है। फिलहाल कॉरिडोर के लिए जरूरी सर्वे का कार्य किया जा रहा है। हर की पैड़ी कॉरिडोर को विकसित किए जाने की योजना पर ना सिर्फ संत समाज बल्कि हरिद्वार के स्थानीय लोग भी उत्साहित हैं। लोगों का कहना है कि हर की पैड़ी विश्व विख्यात तीर्थ स्थल है और इसका दायरा बढ़ाने और सौंदर्यकरण करने से यहां और भी ज्यादा श्रद्धालु पहुंचेंगे और हर की पैड़ी का महत्व और ज्यादा बढ़ जाएगा। साथ ही इससे नए रोजगारों का भी सृजन होगा जिससे स्थानीय लोगों को रोजगार मिलेगा।