उत्तराखंड: बंदर का शिकार करने के लिए अचानक सड़क पर आया गुलदार, लोगों के छूटे पसीने

गुलदार को अचानक सामने देख बस्ती के लोगों में अफरातफरी मच गई। शोर मचाने पर गुलदार वहां से भाग खड़ा हुआ।
Advertisement Best Hidden Treks in Kedar Himalaya for True Mountain Lovers

A chance to reconnect with nature and inner peace. Treks in Kedar Himalaya that stay with you for a lifetime.

Example Ads Media
Ramnagar Leopard: Leopard suddenly came on the road in Ramnagar
Image: Leopard suddenly came on the road in Ramnagar

रामनगर: उत्तराखंड में इंसानी बस्तियों में दाखिल हो रहे गुलदार-बाघ लोगों के लिए दहशत का सबब बने हुए हैं। बीते दिन पिथौरागढ़ में गुलदार एक 4 साल की बच्ची को उठा ले गया, अब रामनगर में एक गुलदार के इंसानी बस्ती में दाखिल होने की सूचना है।

Leopard suddenly came on the road in Ramnagar

यहां कार्बेट टाइगर रिजर्व की सीमा में एक गुलदार कोटद्वार रोड पर बंदर का शिकार करने की कोशिश कर रहा था। इसी दौरान गुलदार छलांग लगाते हुए सड़क पर आ गया। गुलदार को अचानक सामने देख बस्ती के लोगों में अफरातफरी मच गई। शोर मचाने पर गुलदार वहां से भाग खड़ा हुआ। घटना के बाद से इलाके में दहशत का माहौल है। रामनगर स्थित कोटद्वार रोड के पास स्थित बस्ती कार्बेट टाइगर रिजर्व के जंगल की दीवार से सटी हुई है। यहां पर एक स्कूल भी है। क्षेत्र में रहने वाले बालम सिंह रावत ने बताया कि सुबह साढ़े सात बजे लोग अपने घरों के बाहर बैठे थे। तभी उनकी नजर एक बंदर पर पड़ी, जो कि कॉर्बेट की दीवार पर लगी सोलर फेंसिंग के पोल पर बैठा था।

इससे पहले कि लोग कुछ समझ पाते एक गुलदार अचानक वहां धमक पड़ा और बंदर को निवाला बनाने के लिए उस पर छलांग लगा दी। हालांकि बंदर वहां से भागकर एक पेड़ पर चढ़ गया, लेकिन गुलदार उसका पीछा करते हुए सोलर फेंसिंग से बाहर, बस्ती के आगे सड़क पर आ पहुंचा। उस वक्त मौके पर कई लोग मौजूद थे, गुलदार को सामने देख उनके होश उड़ गए। लोगों ने हिम्मत न खोते हुए शोर मचाना शुरू किया, जिसके बाद गुलदार वहां से भागकर जंगल की ओर चला गया। घटना के बाद लोग डरे हुए हैं। उत्तराखंड के पहाड़ी जिलों में रहने वाले लोग इन दिनों गुलदार के आतंक के साये में जीने को मजबूर हैं। कहीं गुलदार के हमले में इंसानों की जान जा रही है, तो कहीं मवेशियों की। गुलदार के डर से लोग घरों में कैद रहने को मजबूर हो गए हैं।