मानसून की शुरुआत में कोटद्वार में मालन नदी पर बना पुल टूट गया था। तब से यहां लगातार तबाही हो रही है।
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कोमल नेगी
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No reels. No crowds. Just Kedar Himalaya - This trek doesn’t want to be famous..
Alpine meadows, dense forests, and snow-capped peaks in one journey. Suitable for both beginner and experienced trekkers.
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Image: car washed away in water overflow in kotdwar
कोटद्वार: उत्तराखंड में भारी बारिश से तबाही का सिलसिला जारी है।
car washed away in kotdwar
प्रदेश के जिन क्षेत्रों में कुदरत का कहर टूटा है, उनमें पौड़ी गढ़वाल का कोटद्वार क्षेत्र भी शामिल है। मानसून की शुरुआत में यहां मालन नदी पर बना पुल टूट गया था। तब से यहां लगातार तबाही हो रही है। शहर में सुबह से मूसलाधार बारिश हो रही है। कोटद्वार-पौड़ी नेशनल हाईवे वाहनों की आवाजाही के लिए बंद हो गया है। हाईवे का एक हिस्सा बह गया है। यहां कई जगह मलबा आया है। 8 दिन पहले भी ये हाईवे बंद हुआ था, अब रोड एक बार फिर बंद हो गई है। आज सुबह भाबर में उफनाए गदेरे में एक कार बह गई। गनीमत रही की कार चालक समय रहते कार से कूद गया, जिससे उसकी जान बच गई। आगे पढ़िए
चश्मदीदों ने बताया कि गदेरे में बहाव तेज होने पर उन्होंने कार चालक को आगे बढ़ने से रोका भी था, लेकिन वो नहीं रुका। इस दौरान कार गदेरे में काफी दूर तक बह गई और क्षतिग्रस्त हो गई। हालांकि कार का चालक सुरक्षित है। केवल कोटद्वार ही नहीं दूसरे जिलों में भी भारी बारिश से तबाही हुई है। ऋषिकेश-गंगोत्री हाईवे पर सुबह बगड़धार, भद्रकाली और ओणी के पास भूस्खलन हो गया। इस दौरान मलबा आने से मार्ग बंद हो गया। फिलहाल बारिश से राहत नहीं मिलेगी। पूरे प्रदेश में मंगलवार से अगले तीन दिन तक भारी बारिश की आशंका है। मौसम विभाग ने 24 अगस्त को देहरादून, पौड़ी, नैनीताल, टिहरी और बागेश्वर जिले में भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। वहीं, हरिद्वार, उत्तरकाशी, चमोली, ऊधमसिंहनगर और पिथौरागढ़ जिले के लिए बारिश का येलो अलर्ट जारी किया गया है।