Advertisement
Secret Himalayan Treks Near Kedarnath You’ve Never Heard Of
Trails once used by sages, locals, and shepherds. Ideal for travelers seeking silence over social media fame.
Example Ads Media
चमोली: चमोली का जोशीमठ शहर भूस्खलन के चलते धीमी मौत मर रहा है। यहां सिर्फ जोशीमठ ही नहीं आस-पास के कई अन्य क्षेत्रों में भी भूधंसाव की समस्या देखी जा रही है।
बदरीनाथ हाईवे पर पुरसारी-मैठाणा के बीच गुरुवार को 70 मीटर हिस्से पर शुरू हुआ भूधंसाव शुक्रवार को काफी बढ़ गया। आस-पास रहने वाले लोगों का कहना है कि महज 24 घंटे में सड़क के कुछ हिस्से 3 फीट तक धंस गए। फिलहाल यहां सड़क के दाईं ओर से ट्रैफिक गुजारा जा रहा है, जबकि क्षतिग्रस्त हिस्से की मरम्मत की जा रही है। भूस्खलन से प्रभावित इलाका जोशीमठ से लगभग 50 किमी दूर है। एनएचआईडीसीएल के कर्मचारी यहां मरम्मत का काम करा रहे हैं। आगे पढ़िए
एनएचआईडीसीएल अधिकारियों का कहना है कि हाईवे पर इस जगह पहले भी धंसने के मामले सामने आए हैं। पांच साल पहले घाटी की तरफ सड़क के नीचे इस जगह पर एक रिटेनिंग दीवार बनाई गई थी, लग रहा है कि ये दीवार धंस गई है। इस बार बरसात के मौसम में अलकनंदा नदी के जलस्तर में काफी बढ़ोतरी दर्ज की गई, हो सकता है कि इसी वजह से हाईवे में धंसाव शुरू हुआ हो। फिलहाल हाईवे के स्थिर हिस्से पर ट्रैफिक की आवाजाही हो रही है। अगर हालात बिगड़े तो प्रशासन से राजमार्ग को ट्रैफिक के लिए बंद करने को कहा जाएगा। यातायात निरीक्षक प्रवीण आलोक ने कहा कि हम स्थिति की समीक्षा करेंगे। खतरे की स्थिति में ट्रैफिक को वैकल्पिक मार्ग चमोली-नंदप्रयाग बाईपास रोड से मोड़ दिया जाएगा।