उत्तराखंड: ट्रैफिक रूल्स तोड़ने में टॉप पर हैं देहरादून वाले, दूसरे नंबर पर हरिद्वार

ट्रैफिक रूल्स तोड़ने के मामले 64 फीसदी तक बढ़े हैं। ये हाल तब है जबकि पुलिस प्रशासन की ओर से लगातार ट्रैफिक जागरुकता अभियान चलाया जा रहा है।
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Dehradun traffic rules breakers: People break maximum traffic rules in Dehradun
Image: People break maximum traffic rules in Dehradun

देहरादून: ट्रैफिक नियम लोगों की सुरक्षा के लिए बने हैं, लेकिन लोग आज भी इनका पालन करने से कतराते हैं। नतीजतन, उत्तराखंड की छवि ऐसे राज्य की बन गई है, जहां सबसे ज्यादा सड़क हादसे होते हैं।

People break maximum traffic rules in Dehradun

ट्रैफिक नियमों की बात करें तो मैदानी जिलों में जहां लोग ट्रैफिक रूल्स तोड़ने में सबसे आगे हैं, तो वहीं पहाड़ी जिलों में लोग इन्हें अब भी गंभीरता से लेते हैं। परिवहन विभाग के प्रवर्तन दल द्वारा संभाग में यातायात नियमों को तोड़ने पर वाहन चालकों पर की गई चालानी कार्रवाई के अध्ययन में पता चला कि दून संभाग में देहरादूनवासी ट्रैफिक रूल्स तोड़ने में टॉप पर हैं। इसके बाद हरिद्वार का नंबर आता है। जबकि उत्तरकाशी और टिहरी के बाशिंदे नियमों का पालन करने को लेकर जागरूक हैं। इस साल जनवरी से जुलाई तक परिवहन विभाग ने 49294 चालान किए हैं, जबकि पिछले साल इसी अवधि में 29941 चालान हुए थे। ये हाल तब है जबकि पुलिस प्रशासन की ओर से लगातार ट्रैफिक जागरुकता अभियान चलाया जा रहा है। आगे पढ़िए

फिर भी ट्रैफिक रूल्स तोड़ने के मामले 64 फीसदी तक बढ़े हैं। देहरादून जिले में इस साल जनवरी से अब तक 13886 वाहन चालकों के चालान किए गए। जबकि, उत्तरकाशी में 2302 और टिहरी में 1628 चालान हुए हैं। दून संभाग में 10,422 लोगों के चालान हेलमेट नहीं पहनने पर हुए हैं। पिछले साल इस अवधि में ये आंकड़ा महज 2748 था। ओवरस्पीड में 5000 से ज्यादा चालान हुए हैं। इसके अलावा दुर्घटना के कारकों जैसे ओवर स्पीड, ओवर लोडिंग, रेड लाइट जंप, नशे का सेवन कर वाहन चलाने और गाड़ी चलाते समय मोबाइल पर बात करने जैसे कारकों में भी लोगों के चालान किए गए। प्रवर्तन दल के पास सचल दल, इंटरसेप्टर दल और बाइक स्क्वॉयड है, जो कि ट्रैफिक रूल्स तोड़ने वालों के खिलाफ कार्रवाई करते हैं। आरटीओ प्रवर्तन शैलेश तिवारी ने बताया कि यातायात नियम तोड़ने वालों पर प्रवर्तन दल लगातार कार्रवाई कर रहा है। ओवरस्पीडिंग के मामलों में भी सख्त कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए हैं।