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जहां आज भी सिर्फ चरवाहे जाते हैं – केदार हिमालय के अनदेखे ट्रेक्स
प्रकृति, शांति और हिमालय – केदार के गुप्त ट्रेक्स.. यहां कदम रखते ही बदल जाती है सांस और सोच – Hidden Kedar Trails
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देहरादून: देहरादून में रक्षाबंधन के दिन एक बच्ची को बचाने की कोशिश में घर के पालतू कुत्ते ने अपनी जान दे दी।
11 साल की बच्ची पर गुलदार ने हमला कर दिया था। ये देख कुत्ता गुलदार से भिड़ गया। इस दौरान बच्ची की जान बच गई, लेकिन बच्ची को बचाने की कोशिश में कुत्ते ने अपनी जान गंवा दी। रक्षाबंधन के दिन बच्ची ने कुत्ते को राखी बांधी थी, जिसका फर्ज कुत्ते ने बखूबी निभाया और गुलदार से भिड़कर बच्ची की जान बचा ली। घटना डोईवाला के बुल्लावाला क्षेत्र की है। शाम को करीब साढ़े 7 बजे यहां 11 साल की बच्ची कुत्ते संग आंगन में खेल रही थी। सुबह बच्ची ने पालतू कुत्ते को राखी बांधी थी। शाम को जब बच्ची आंगन में थी, तभी गुलदार वहां धमक पड़ा, लेकिन वो बच्ची पर झपटता इससे पहले ही कुत्ते ने गुलदार पर हमला बोल दिया। आगे पढ़िए
गुलदार और कुत्ते के बीच काफी देर तक संघर्ष होता रहा। जिसमें कुत्ते की मौत हो गई। कुत्ते ने मरने से पहले राखी का फर्ज निभाया और बच्ची की जान बचाई। यह घटना क्षेत्र में रहने वाले महेंद्र सिंह थापा के घर में घटी, इस घटना के बाद से इलाके में दहशत का माहौल है। लोगों ने कहा कि गुलदार राजाजी टाइगर रिजर्व से आबादी वाले इलाकों में पहुंच रहे हैं, लेकिन वन विभाग ध्यान नहीं दे रहा। उत्तराखंड के दूसरे कई इलाकों में भी गुलदार दहशत का सबब बने हुए हैं। गरुड़ तहसील के इंटर कॉलेज अमस्यारी में 24 अगस्त को गुलदार ने एक छात्रा पर हमला कर दिया था। दो दिन पहले यहां फिर से गुलदार को देखा गया। गुलदार के डर से लोग अपने बच्चों को स्कूल नहीं भेज रहे। महिलाओं ने भी चारापत्ती के लिए जंगल जाना छोड़ दिया है।