हेमकुंड पैदल मार्ग पर सीढ़ियों की मरम्मत पूरी, दोबारा से सुगम हो गया है सफर, डेढ़ किमी कम हुआ रास्ता
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अनुष्का ढौंडियाल
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प्रकृति से जुड़ने और आत्मिक शांति पाने का अवसर। केदार हिमालय की वो यात्राएं जो ज़िंदगी भर याद रहती हैं।
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Image: Repair of stairs on Hemkund Sahib walkway
चमोली: हेमकुंड पैदल मार्ग की यात्रा दोबारा सुगम हो गई है। जी हां, इसकी यात्रा में आने वाली कठिनाई दूर हो गई है और श्रद्धालुओं को लगभग डेढ़ किमी कम चलना पड़ रहा है।
Repair of stairs on Hemkund Sahib walkway
प्रतिदिन 800 से अधिक श्रद्धालु गुरुद्वारा श्री हेमकुंड साहिब पहुंच रहे हैं। दरअसल अटलाकोटी से गुरुद्वारा श्री हेमकुंड साहिब के बीच 1160 सीढियां क्षतिग्रस्त हो गई थी। इन क्षतिग्रस्त हुई 1160 सीढ़ियों की मरम्मत कर ली गई है। दरअसल जब से बरसात में कमी आई है, तब से यात्रा ने गति भी दोबारा से गति पकड़ ली है। प्रतिदिन 800 से अधिक श्रद्धालु गुरुद्वारा श्री हेमकुंड साहिब पहुंच रहे हैं। बीच में जब बरसात में तीव्रता आई थी, तब इसका पैदल मार्ग क्षतिग्रस्त हो गया था, जिसे अब फिक्स कर लिया गया है। घांघरिया से हेमकुंड के बीच पांच किमी पैदल मार्ग शीतकाल में क्षतिग्रस्त हो गया था, जिसका इन दिनों तेजी से सुधारीकरण चल रहा है। घांघरिया से दो किमी आगे अटला कोटी है।
यहां से हेमकुंड के लिए दो पैदल मार्ग हैं। पहला मार्ग समतल है, जिसकी लंबाई तीन किमी है। दूसरा मार्ग सीढ़ियों वाला है, जिसमें डेढ़ किमी चलना पड़ता है। गुरुद्वारा श्री हेमकुंड साहिब मैनेजमेंट ट्रस्ट के मुख्य प्रबंधक सरदार सेवा सिंह ने बताया कि इस मार्ग पर 1160 सीढ़ियां हैं, जिनकी मरम्मत के बाद अधिकांश तीर्थयात्री इसी मार्ग से आवाजाही कर रहे हैं। वहीं श्री हेमकुंड साहिब के कपाट के बंद होने का ऐलान कर दिया गया है। श्री हेमकुंड साहिब के कपाट 11 अक्टूबर अपराह्न 1 बजे बंद किए जाएंगे। इसी के साथ 2023 की हेमकुंड साहिब यात्रा का समापन भी हो जायेगा। श्री हेमकुंड साहिब गुरुद्वारा प्रबंधक ट्रस्ट कमेटी है अध्यक्ष सरदार नरेन्द्रजीत सिंह बिन्द्रा ने यह जानकारी देते हुए बताया कि ट्रस्टियों की बैठक में यह निर्णय लिया गया। अब तक डेढ़ लाख से ज्यादा श्रद्धालु हेमकुंड साहिब के दर्शन कर चुके हैं।